लखनऊ। मध्य प्रदेश की राजनीति में भूचाल ला देने वाले व्यापम घोटाले में गवाहों के दम तोड़ने और गायब होने का सिलसिला लगातार जारी है।व्यापमं घोटाला उजागर होने के बाद उसकी एक आरोपी डॉ. मनीषा शर्मा की लखनऊ में बेहोशी के इंजेक्शन का ओवर डोज लेने से मौत हो गई। मनीषा लखनऊ के केजीएमयू के क्वीन मैरी अस्पताल में एमएस अंतिम वर्ष की छात्रा थी। घोटाले की जांच के दौरान एसआईटी ने ग्वालियर से मनीषा को गिरफ्तार किया था। वह छह माह तक मप्र की जेल में थी।
जानकारी के अनुसार डॉ. मनीषा शर्मा ने शनिवार रात बुद्धा हॉस्टल में बेहोशी के इंजेक्शन का हाई डोज लिया था। डॉ. मनीषा शर्मा ने सोमवार दोपहर डेढ़ बजे लखनऊ में इलाज के दौरान दम तोड़ दिया। व्यापमं घोटाले में जमानत मिलने के बाद उसने कोर्ट के आदेश पर केजीएमयू में एमएस कोर्स में 2015 में दाखिला लिया था।
डॉ. मनीषा शर्मा का नाम व्यापमं घोटाले में 2015 में आया था। मनीषा पर 2008-09 में दो छात्राओं के नाम पर व्यापमं की परीक्षा देने का आरोप था। कानपुर निवासी मनीषा ने अलीगढ़ मुस्लिम विश्वविद्यालय से एमबीबीएस किया था। उल्लेखनीय है कि व्यापम मामले ने मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चैहान पर विपक्षी पार्टियों ने आरोप लगाया था। इस मामले में कई हाईप्रोफाइल चेहरों के शामिल होने के सबूत मिलने के बाद सरकार ने इस घोटाले की जांच के आर्डर जारी कर दिए थे। इस घोटाले में विपक्षी पार्टी कांग्रेस शिवराज को जिम्मेदार बता रही थी। लेकिन हाल में ही कांग्रेस के कई बड़े चेहरों के इसमे शामिल होेने की बात सामने आने के बाद वह चुप हो गयी थी।