सरकारी बंगला केसः अखिलेश ने किया 10 लाख का नुकसान, कार्रवाई के इशारे

नई दिल्ली। सुप्रीम कोर्ट के पूर्व मुख्यमंत्रियों से सरकारी आवास खाली कराए जाने के आदेश के बाद उत्तर प्रदेश की योगी सरकार ने संबन्धित विभाग को इस आर्डर पर काम करने का आदेश दिया था। जिसके बाद कई पूर्व मुख्यमंत्रियों ने अपने सरकारी आवास छोड़ दिए थे। वहीं पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव द्वारा खाली किए गये आवास में कंट्रोवर्सी सामने आयी थी। इसमें बंगले में तोड़फोड और सामान निकालकर ले जाने के आरोप लगे थे। इसके बाद शासन द्वारा जांच के आदेश दिए जाने पर पीडब्ल्यूडी के मुख्य अभियंता भवन अधीक्षण अभियंता सर्किल और राजकीय निर्माण निगम के महाप्रबंधक मध्य जोन ने यह जांच की थी।

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उत्तर प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव को अपने शासन काल के दौरान मिले सरकारी बंगले को खाली करने के दौरान करीब 10 लाख रुपए का नुकसान हुआ है। पीडब्ल्यूडी ने नुकसान की रिपोर्ट राज्य संपत्ति विभाग को सौंप दी है। विभाग ने यह रिपोर्ट मुख्यमंत्री कार्यालय को भेज दी है। रिपोर्ट में पीडब्ल्यूडी के इंजिनियरों ने तोड़-फोड़ के कारण करीब 10 लाख रुपए के नुकसान का आकलन किया है। मीडिया रिपोर्टस के मुताबिक 266 पेज की रिपोर्ट में पूर्व मुख्यमंत्री के बंगले में छत से लेकर किचन, बाथरूम और लॉन में तोड़-फोड़ की बात कही गई है। बंगले में मुख्य रूप से टाइल्स, सेनेट्री और इलेक्ट्रिक वायरिंग के काम का नुकसान हुआ है। इस नुकसान की कुल कीमत 10 लाख रुपए आंकी गई है। इसके अलावा बंगले में बना जिम, स्पोट्र्स कॉम्प्लेक्स, बैडमिंटन कोर्ट और साइकल ट्रैक तोड़ दिया गया था।

 

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वहीं सूत्रों के अनुसार कहा जा रहा है कि पीडब्ल्यूडी के इंजीनियरों ने रिपोर्ट के साथ राज्य सम्पत्ति विभाग को एक सीडी भी दी है। 266 पेज की इस रिपोर्ट के अनुसार, पूर्व मुख्यमंत्री के तौर पर अखिलेश को मिले बंगले का ग्राउंड फ्लोर ही स्वीकृत था। फर्स्ट फ्लोर का निर्माण उन्होंने खुद कराया। ग्राउंड फ्लोर पर भी काफी काम उन्होंने अपने संसाधनों से किया था। इसमें जगह-जगह टाइल्स उखड़ी मिलीं। सेनेट्री का सामान भी अच्छा खासा गायब मिला। पीडब्ल्यूडी के प्रमुख अभियंता एके शर्मा ने रिपोर्ट राज्य संपत्ति अधिकारी को भेज दी है। 266 पेज की इस रिपोर्ट के अनुसार, पूर्व मुख्यमंत्री के तौर पर अखिलेश को मिले बंगले का ग्राउंड फ्लोर ही स्वीकृत था। अभी सरकार इस रिपोर्ट का अध्ययन कर रही है, इसके बाद रिकवरी नोटिस दी जा सकती है।

 

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इस रिपोर्ट पर पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव की मुश्किलें बढ़ सकती हैं क्योंकि वह सार्वजनिक प्रेस काफ्रेंस में स्वीकार कर चुके है कि वह बंगले से बाथरूम की टोंटी निकालकर ले गये थे। उन्होने स्वीकार करते हुए कहा था कि जो सामान उन्होने लगवाया था वह निकाल ले गये थे। इस मामले में सोशल मीडिया पर अखिलेश का जमकर मजाक उड़ा था।

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