सीतापुर। पैसों का लालच इंसान को किस कदर अंधा बना देता है उसकी जीती जागती मिसाल देखनी है तो सीतापुर जिले के खैराबाद चले आईऐ। विकास खण्ड खैराबाद बाद लघुसिचाई विभाग के जेई हरपाल सिंह जो वर्तमान समय में सिविल का कार्य देख रहे है वह और उनके साथी सचिव सुशील कुमार यादव, सेवकराम वर्मा, अभिषेक शाहू को पैसो की चाहत इतनी बढ़ गयी कि यह लोग नियम, कायदे और शासना देश को ताखकर पर रखकर गुनाहों के देवता बन गये है। आकड़े गवाह है कि घोटालों के मामले में खैराबाद ब्लाक जिले में नम्बर एक पर चल रहा है। यहां पर प्रधान सचिव के साथ साथ खण्ड विकास अधिकारी भी जेई के गुनाहों में शामिल हो रहे है।
इसका खुलासा तो उस समय हुआ जब डीसी मनरेगा द्वारा खैराबाद ब्लाक की दारानगर, चितहरी की जांच करवायी गयी उसमें वीडियों पर भी आरोप लगा कि आरोपियों से मिलकर जांच टीम को साक्ष्य तक मुहैया नही करवा रहे है। इन सभी आरोपों से लैश खैराबाद ब्लाक वर्तमान समय में भष्टाचार और घोटालों की बुलन्दियों को छू रहा है। घोटालों की शिकायतें लगातार की जा रही है। जिम्मेदार अधिकारी इस ओर ध्यान नही दे रहे है जिससे अंदाजा लगाया जा रहा है कि घोटालोबाजों का भी साथ जिम्मेदार अधिकारी किसी न किसी रूप में दे रहे है। जिले की जनता यह बात जान चुकी है कि घोटालेबाजों की चैन बहुत मजबूत है।
ग्रामसभा स्तर पर शौचालय निर्माण, आवास आवंटन, तथा विकास कार्यो में हो रहे घोटालों को लेकर जनता सड़को पर उतरने लगी है। मछरेहटा विकास खण्ड की जनता घोटाले से परेशान और शिकायतें किये जाने पर कोई कार्यवाही न होने की वजह से सड़को पर उतर आयी है। वह आन्दोलन शुरू कर दिया है। अभी तक प्रशासन किसी खास नतीजे पर नही पहुंच सका है। इस आन्दोलन को अभी तक हवा हवाई लिया जा रहा है। इस मामला अभी चर्चा में ही था कि विकास खण्ड लहरपुर की ग्रामसभा शेरपुर में प्रधान प्रतिनिधि और सचिव हिमांशू दीक्षित द्वारा किये गये घोटालों की गूंज मुख्य मंत्री कार्यालय में भी गूंज उठी। इस मामले पर भी अभी तक कोई ठोस निर्णय नही लिया गया है। इसके बाद खैराबाद में घोटालों के मामले में नम्बर एक स्थान पर चल रहा है।
यह बात और भी बड़ी हो जाती है क्योंकि खैराबाद के डबलपमेण्ट अधिकारी भी घोटालेबाज गुनाहों के देवता का साथ दे रहे है। डीसी मनरेगा द्वारा जांच करवायी गयी आख्या में बीडियों को भी दोषी पाया गया लेकिन कार्यवाही के नाम पर मामला शून्य पर ही आकर टिक गया। अगर हालत ऐसे ही रहे और प्रशासन द्वारा कोई ठोस कदम नही उठाये गये तो आगामी दिनों में खैराबाद, मछरेहटा, लहरपुर की ही नही बल्कि पूरे जनपद की कानून व्यवस्था ध्वस्थ हो सकती है इस प्रकार की चर्चाएं अब आम हो गयी है क्येाकि गुनाहों के देवता एक के बाद एक गुनाह करते जा रहे है और जिम्मेदार अधिकारी या तो गुनाहों के देवताओं को संरक्षण दे रहे हेै या फिर वह हाथ पर हाथ रखकर तमाशबीन की तरह तमाशा देख रहे है।