नोएडा। देश कोरोना की मार से लड़ रहा है। इस बीच उत्तर प्रदेश में बस की राजनीति बढ़ती जा रही है। उत्तर प्रदेश बॉर्डर से दिहाड़ी मजदूरों को अपने घर भेजने के लिए कांग्रेस की महासचिव प्रियंका गांधी वाड्रा ने यूपी के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को 1000 बसों की पेशकश की थी जिसे स्वीकार कर लिया गया था।
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इसके बाद जिला गौतमबुद्ध नगर में कांग्रेस के कार्यकर्ताओं ने सौ बसों का प्रबंध किया। इनकी फिटनेस की जांच के बाद सील कर लिया गया। ये सभी बसें सेक्टर 94 के महामाया फ्लाईओवर के पास खड़ी हैं। एआर टीओ नोएडा हिमेश तिवारी ने बुधवार को बताया कि को सौ बसों का इंतजाम किया गया था। उनकी फिटनेस को चेक किया गया तो पता चला कि उसमें से दो बसों की फिटनेस पिछले साल ही ख़त्म हो चुकी है जिसे सीज़ कर दिया गया है।
तिवारी ने बताया कि जब तक सभी बसों कि फिटनेस जांच नहीं हो जाती तब तक बसों को आगे नहीं जाने दिया जा सकता। कांग्रेस जिला अध्यक्ष मनोज चौधरी का कहना है कि जो बस फिटनेस में नहीं हैं उसे छोड़कर बाकी बसों को तो इस्तेमाल में का सकते हैं। लेकिन भाजपा सरकार बदले की भावना से प्रेरित होकर काम कर रही है।