कंगना की ऑफिस को ध्वस्त होते देख फूटा जनता का आक्रोश, बोले- ‘ये लोकतंत्र की हत्या

मुंबई। अपनी बेबाक बातों से सुर्खियों में रहने वाली कंगना रनोट के पाली हिल स्थित ऑफिस को ध्वस्त किया जा रहा है। मंगलवार को एक्ट्रेस की ऑफिस के बाहर बीएमसी ने अवैध निर्माण का नोटिस लगाया था जिसके बाद आज कंगना मुंबई भी पहुंच चुकी हैं।

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ऑफिस को तोड़ने का काम शुरू हो चुका है जिसे देखकर लोगों का गुस्सा साफ नजर आ रहा है। कुछ लोगों का मानना है कि सरकार के खिलाफ कंगना के बयानों को देखते हुए उनकी प्रॉपर्टी पर निशाना साधा जा रहा है वहीं कुछ भड़के लोगों ने जनतंत्र, महाराष्ट्र पुलिस और कानून पर सवाल उठाने शुरू कर दिए।

लोकतंत्र का अंत..

कंगना की प्रॉपर्टी को गिरते देख ट्विटर पर लोगों ने #DeathOfDemocracy ट्रेंड करवा दिया है। इस हैशटैग के साथ अब तक 4.24 लाख लोग ट्वीट कर चुके हैं। एक यूजर ने लिखा, ‘महाराष्ट्र सरकार का ये एक शर्मनाक कदम है। ये महाराष्ट्र सरकार के ताबूत की आखिरी कील होगी। ये सिर्फ कंगना के ऑफिस को तोड़ना नहीं बल्कि महाराष्ट्र में लोकतंत्र की हत्या भी है’।

 

दूसरे यूजर ने लिखा, ‘न्याय के लिए खड़े होने वाले सेलिब्रिटी भी सुरक्षित नहीं है, तो ऐसे लोगों और शिवसेना जैसी सरकार के रहते सोचिए एक आम आदमी जिसे न्याय चाहिए उसकी कंडीशन क्या होगी’।

 

महाराष्ट्र की शिव सेना सरकार ने टेरर कंपनी शुरू की है सुशांत सिंह राजपूत के मर्डर के दोषियों को बचाने के लिए। शेम ऑन बीएमसी। कंगना लोकतंत्र की मौत देखने मुंबई आई है। भगवान जानते हैं कि वो किसको बचा रहे हैं।

 

बॉलीवुड की चुप्पी चिंताजनक

एक यूजर ने बॉलीवुड सेलेब्स की खामोशी पर सवाल उठाते हुए लिखा, अक्षय कुमार, अजय देवगन, सोनू सूद, पूरा भारत आपको सपोर्ट करता है और आपकी फिल्मों को बढ़ चढ़कर देखने जाता है.. लेकिन कंगना की ऑफिस पर आप लोगों की खामोशी बहुत चिंता जनक है।

 

‘बॉलीवुड स्टार खुद को नायक, टाइगर, शहंशाह, सिंघम, खिलाड़ी और दबंग कहते हैं लेकिन अपनी ही इंडस्ट्री की एक महिला के लिए आवाज नहीं उठा सकते जिसका घर तोड़ा जा रहा है। वो भी इसलिए क्योंकि उसने महाराष्ट्र सरकार के खिलाफ बोला है। बीएमसी को शर्म आनी चाहिए। कंगना को इंसाफ चाहिए। लोकतंत्र का अंत’।

 

आम जनता को अपनी बात रखने का डर…

एक यूजर ने लिखा, सर आज हर इंडियन और आम आदमी को डर हो गया है जो अपनी बात रखना चाहता है। आज जिस तरह हाईकोर्ट की बात ना मानकर बीएमसी ने कार्यवाही की आज लोकतंत्र की हत्या हो गई है। मुंबई में क्या सरकार के खिलाफ बोलने पर कोर्ट की वैल्यू भी खत्म हो जाती है??

 

ऑफिस तोड़कर हौंसला नहीं तोड़ पाओगे..

कंगना के समर्थन में एक यूजर ने लिखा, गुंडा राज, लोकतंत्र का अपमान। ऑफिस तोड़कर हौंसला नहीं तोड़ पाओगे। भारत कंगना रनोट के साथ है।

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