नयी दिल्ली। अटल बिहारी बाजपेई एक ऐसी हस्ती थे जो भारत ही नहीं अपने दोस्त और दुश्मन देशों में भी काफी लोकप्रिय थे। इसका नजारा आज दिखाई दिया। उल्लेखनीय है कि भारत के पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी के जाने का गम सिर्फ हमारे देश को ही नहीं है बल्कि दूसरे देश जैसे ब्रिटेन भी संकट की इस घड़ी में हमारे साथ खड़ा है। या यूं कह लें कि अटल जी का व्यक्तित्व ही इतना करिश्माई है कि विदेशी लोग भी उनका सम्मान करते हैं। यही वजह है कि आज दिल्ली स्थित ब्रिटेन के दूतावास ने अपना राष्ट्रीय ध्वज आधा झुका दिया है। ब्रिटेन ने अटल जी के निधन के शोक में आज सुबह ही अपना राष्ट्रीय ध्वज यूनियन जैक आधा झुका दिया है। वहां से बयान जारी हुआ है कि वह इस दुख की घड़ी में भारत के साथ है।
पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी के निधन पर पाकिस्तान के नव-निर्वाचित प्रधानमंत्री इमरान खान ने शुक्रवार को शोक संवेदना जाहिर करते हुए श्रद्धांजलि अर्पित की। उन्होंने कहा, ‘भारत-पाकिस्तान शांति के लिए किए गए उनके प्रयासों को हमेशा करेगा। इमरान खान ने कहा कि अटल बिहारी वाजपेयी इस उपमहाद्वीप की बड़ी राजनीतिक हस्ती थे। भारत-पाकिस्तान के बीच रिश्ते बेहतर करने के उनके प्रयास हमेशा याद रखे जाएंगे। इस कठिन घड़ी में हम भारत के साथ खड़े हैं। उन्होंने कहा कि वाजपेयी ने दोनों देशों के बीच संबंधों को सुधारने का प्रयास शुरू किया था और उनके प्रधानमंत्री बनने के बाद भी यह जारी रहा। इमरान खान ने आगे कहा कि विदेश मंत्री के तौर पर वाजपेयी ने पड़ोसी देशों के साथ संबंधों को सामान्य करने की दिशा में कदम उठाया था और प्रधानमंत्री बनने के बाद इस एजेंडे को वे नई ऊंचाईयों पर ले जाने में सफल हुए।
पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी के निधन पर अमेरिका ने भी शोक जताया है। अमेरिका के विदेश मंत्री माइक पोंपियो ने कहा कि भारत और अमेरिका के बीच संबंध अटल बिहारी वाजपेयी की वैश्विक दृष्टि और उनके दूरदर्शी विचारों से लाभान्वित हो रहा और आगे भी होता रहेगा। अमेरिकी विदेश मंत्रालय द्वारा जारी एक बयान में पोंपियो ने कहा, ‘देखिए, मेरा मानना है कि अमेरिका और भारत, उनके साझा लोकतांत्रिक मूल्यों के आधार पर आपसी साझेदारी विकसित की जा सकती है, जो इस क्षेत्र में आर्थिक समृद्धि और सुरक्षा में योगदान देगा।’ उन्होंने कहा कि आज अमेरिका-भारत के द्विपक्षीय संबंध अटल बिहारी वाजपेयी के दृष्टिकोण से लाभान्वित हो रहे हैं। वह बोले, ‘मैं यह विश्वास पूवक कहना चाहता हूं कि अमेरिका और भारत वाजपेयी के दिखाए रास्ते पर आगे बढ़ रहे हैं।’