पोस्टमार्टम के समय डॉक्टरों को नहीं दी गई फंदे में इस्तेमाल बेल्ट

नई दिल्ली। भोपाल का चर्चित ट्विशा शर्मा की मौत का मामला अब पूरे देश में फैल चुका है। मामले की एसआईटी जांच में कई अहम खुलासे हुए हैं। भोपाल एम्स की पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट के अनुसार, नोएडा की ट्विशा ने कथित तौर पर अपने ससुराल में जिस बेल्ट से फांसी लगाकर आत्महत्या की थी उस बेल्ट को जांच अधिकारी द्वारा पोस्टमॉर्टम के लिए नहीं लाया गया था।

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इसके अलावा, एसआईटी प्रमुख डॉ. रजनीश कश्यप ने स्पष्ट किया कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट में ड्रग्स सेवन की पुष्टि नहीं हुई है। फरार आरोपी समर्थ सिंह की तलाश तेज कर दी गई है। कई टीमें लगातार दबिश दे रही हैं।

बेल्ट समय पर न मिलने पर जांच में देरी

सबूत के इस अहम हिस्से के गायब होने की वजह से ही डॉक्टर ट्विशा की गर्दन पर मिले निशानों से कथित लिगेचर सामग्री का मिलान नहीं कर पाए। इससे जांच की प्रक्रिया, सबूतों के संरक्षण और उनमें की गई छेड़छाड़ को लेकर उठ रहे सवालों को और बल मिला।

मामले में पोस्टमार्टम के दौरान फंदे में इस्तेमाल बेल्ट डॉक्टरों को समय पर उपलब्ध नहीं कराई थी। इस पर एसआईटी चीफ ने माना कि तत्कालीन जांच अधिकारी की लापरवाही सामने आई है। उन्होंने कहा कि इस गंभीर चूक को लेकर संबंधित अधिकारी के खिलाफ विधिसम्मत कार्रवाई की जा रही है।

ड्रग्स के सबूत नहीं मिले

एसआईटी प्रमुख डॉ. रजनीश कश्यप ने कहा कि अब तक की जांच और पोस्टमार्टम रिपोर्ट में ऐसा कोई तथ्य सामने नहीं आया है, जिससे यह साबित हो कि ट्विशा शर्मा ने किसी प्रकार के नशीले पदार्थ का सेवन किया था। उन्होंने कहा कि लगाए गए आरोपों को मेडिकल रिपोर्ट समर्थन नहीं देती। इस बयान के बाद मामले में सामने आए ड्रग्स संबंधी दावों पर सवाल खड़े हो गए हैं।

समर्थ सिंह की तलाश में जुटीं कई टीमें

फरार आरोपी समर्थ सिंह की गिरफ्तारी के लिए पुलिस ने कार्रवाई तेज कर दी है। एसआईटी के अनुसार, 6 से 7 टीमें लगातार अलग-अलग स्थानों पर दबिश दे रही हैं। आरोपी की गिरफ्तारी में मदद करने वाले को 10 हजार रुपये का इनाम देने की घोषणा की गई है। साथ ही उसका पासपोर्ट निरस्त कराने की प्रक्रिया भी शुरू कर दी गई है।

कुछ सवाल अनसुलझे

ट्विशा शर्मा की मौत की जांच से जुड़ा एक और सवाल यह था कि पुलिस को घटनास्थल पर बुलाए बिना ही उनके शव को अस्पताल क्यों ले जाया गया। इस पर कश्यप ने बताया, “यह हमारी चल रही जांच का एक अहम पहलू है। उनके घर पर सीसीटीवी कैमरे लगे हुए हैं और हम फिलहाल उनसे फुटेज हासिल कर रहे हैं। हम उन्हें अस्पताल ले जाने से जुड़ी परिस्थितियों के बारे में भी जांच-पड़ताल कर रहे हैं।”

परिवार ने लगाए जांच कमजोर करने के आरोप

ट्विशा शर्मा के परिजनों ने आरोप लगाया है कि मामले को कमजोर करने की कोशिश की जा रही है। इस पर प्रतिक्रिया देते हुए डॉ. कश्यप ने कहा कि पुलिस किसी भी प्रकार के दबाव में नहीं है और पूरी जांच निष्पक्ष और तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर की जा रही है।

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