यरुशलम। मिडिल ईस्ट में लंबी तैनाती और बढ़ते मानसिक तनाव के बीच अमेरिकी एयरक्राफ्ट यूएसएस अब्राहम लिंकन पर तैनात नाविकों द्वारा जहाज से समुद्र में कूदने की कोशिश करने की खबरें सामने आई हैं। सैन्य परिवारों और अमेरिकी सांसदों ने चेतावनी दी है कि एयरक्राफ्ट पर हालात अब बर्दाश्त से बाहर हो रहे हैं।
नेवी टाइम्स और स्टार्स एंड स्ट्राइप्स के अनुसार, इस विमानवाहक पोत पर करीब 5000 नाविक और मरीन तैनात हैं, जिन्होंने लगातार 250 दिन समुद्र में बिताए हैं। इसे बेहद थका देने वाली तैनाती बताया है।
जहाज को मूल रूप से मई में वापस लौटना था, लेकिन ईरान के साथ युद्ध से जुड़े अमेरिकी सैन्य अभियानों के कारण इसे वहीं रोक दिया गया है।
परिवारों ने उठाया भरोसा टूटने का मुद्दा
द गार्जियन और द हिल के मुताबिक, कई ऐसी घटनाएं हुई हैं जहां नाविकों ने समुद्र में कूदने का विचार किया या कोशिश की। कम से कम एक क्रू मेंबर को दूसरे नाविक ने ऐसा करने से रोका। परिवारों ने भी जहाज पर मौजूद लोगों में आत्महत्या के विचारों को लेकर चिंता जताई है।
पिछले गुरुवार को सैन डिएगो में करीब 200 परिजनों की टाउन हॉल बैठक हुई। इसमें कार्यवाहक नौसेना सचिव हंग काओ और वरिष्ठ कमांडरों के सामने परिजनों ने अपनी चिंताएं रखीं। एक महिला ने अधिकारियों को बताया कि उसके पति ने उसी दिन उसे मैसेज करके कहा था कि उसे उम्मीद है कि वह कल सुबह नहीं उठेगा।
स्टार्स एंड स्ट्राइप्स के अनुसार, एक अन्य परिवार के सदस्य ने नौसेना नेतृत्व पर हमारे और नेतृत्व के बीच भरोसा तोड़ने का आरोप लगाया।
नेवी टाइम्स के अनुसार, एनाबेल लोमा ने बताया कि तैनाती बार-बार बढ़ाए जाने के बाद उनके पति ने समुद्र में कूदने की कोशिश की थी। उन्होंने कहा कि वह डरे हुए हैं। उन्हें लगता है कि उन्हें अपमानजनक तरीके से सेवा से निकाल दिया जाएगा, और सिर्फ इसलिए कि वह थक चुके थे, उनका 13 साल का करियर ऐसे ही बर्बाद हो गया।
लिंकन 21 नवंबर को सैन डिएगो से प्रशांत क्षेत्र की तैनाती के लिए निकला था, लेकिन ईरान के साथ युद्ध शुरू होने के बाद इसे मध्य पूर्व की ओर मोड़ दिया गया। बताया जा रहा है कि इस तैनाती के दौरान जहाज केवल दिसंबर में गुआम और जुलाई में ओमान में दो बार ही किनारे पर रुका है।
बदतर हालात के साथ खराब जीवन स्तर
परिवारों और नाविकों ने जहाज पर जीवन स्तर को लेकर भी गंभीर चिंताएं जताई हैं। इनमें भोजन और पानी की कमी, टूटे हुए शौचालय और लॉन्ड्री, फफूंद और लंबे समय तक गर्म पानी न मिलना शामिल है।
डेमोक्रेटिक सांसद माइक लेविन ने स्थिति का वर्णन करते हुए कहा कि फफूंद वाले शावर, टूटे शौचालय, हफ्तों से बंद लॉन्ड्री, लंबे समय तक गर्म पानी का ना होना और भोजन के नाम पर सिर्फ आधा कप चावल और दो टॉर्टिला। न साबुन, न डियोड्रेंट, और न ही टूथपेस्ट उपलब्ध है।
लेविन ने रक्षा सचिव पीट हेगसेथ की आलोचना की, जिन्होंने पहले इन रिपोर्ट्स को फेक न्यूज बताकर खारिज कर दिया था। लेविन ने कहा कि इन पुरुषों और महिलाओं ने अपने देश की सेवा करने के लिए शपथ ली है।
देश का कम से कम इतना तो फर्ज बनता है कि उन्हें गर्म पानी, एक काम करने वाला शौचालय और असली खाना दे। हेगसेथ इतना भी प्रबंध नहीं कर सकते, और उनमें इतनी हिम्मत है कि वे परिवारों की आंखों में देखकर उन्हें झूठा कहें।
अमेरिकी नौसेना ने दावों को किया खारिज
हालांकि, नौसेना ने विमानवाहक पोत पर आत्महत्या के मामलों में वृद्धि के दावों का खंडन किया है। द गार्जियन के अनुसार, एक नौसेना अधिकारी ने कहा कि कमांड के पास उपलब्ध जानकारी के आधार पर, हमने जहाज पर आत्महत्या के विचारों या आत्महत्या के प्रयासों में कोई वृद्धि नहीं देखी है।
अधिकारी ने कहा कि नाविकों के पास जहाज पर डिप्लॉयमेंट-रेजिलिएंस काउंसलर और पादरी उपलब्ध हैं और उनके स्वास्थ्य और भलाई को प्राथमिकता दी जाती है। नौसेना ने यह भी कहा कि जहाज पर स्वच्छ पानी, काम करने वाले एसी और स्वस्थ भोजन के विकल्पों तक निरंतर पहुंच है।
अमेरिका-ईरान तनाव के कारण होर्मुज में युद्ध जैसी स्थिति
यह संकट ऐसे समय में आया है जब लिंकन ईरान के खिलाफ अमेरिकी युद्ध प्रयासों के समर्थन में रणनीतिक रूप से महत्वपूर्ण होर्मुज जलडमरूमध्य के आसपास युद्ध संचालन जारी रखे हुए है।
ईरान ने राष्ट्रपति डोनल्ड ट्रंप के उस दावे को खारिज कर दिया है जिसमें उन्होंने कहा था कि अमेरिका का इस जलमार्ग पर पूरा नियंत्रण है। तेहरान का कहना है कि जब तक उसकी शर्तें पूरी नहीं हो जातीं, तब तक यह जलमार्ग बंद रहेगा। ट्रंप ने अमेरिकी नौसैनिक उपस्थिति को स्टील की दीवार बताया है और कहा है कि ईरान इसके बारे में कुछ नहीं कर सकता।
चूंकि संघर्ष जारी है और लिंकन की वापसी की तारीख अभी भी स्पष्ट नहीं है, इसलिए इस तैनाती के मनोवैज्ञानिक प्रभाव को लेकर चिंताएं नौसेना और जहाज पर सेवा देने वालों के परिवारों के लिए एक बड़ा मुद्दा बनी रहने वाली हैं।











