धनतेरस पर बम-बम हुआ शेयर बाजार, सेंसेक्स 81000, तो निफ्टी 25000

धनतेरस के मौके पर भारतीय शेयर बाजार में तूफानी तेजी देखी गई। 6 नवंबर को भारतीय इक्विटी सूचकांक लगातार सातवें सत्र में बढ़त के साथ बंद हुए, जिसमें निफ्टी 25000 के स्तर के ऊपर रहा। शुक्रवार को भारतीय रुपया 56 पैसे की बढ़त के साथ 93.91 प्रति डॉलर पर बंद हुआ, जबकि पिछली बार यह 94.47 पर बंद हुआ था।

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बाजार बंद होने पर, सेंसेक्स 1,718.01 अंक या 2.17 प्रतिशत की तेजी के साथ 81,028.02 पर, और निफ्टी 493.75 अंक या 2.01 प्रतिशत की तेजी के साथ 25,030.35 पर बंद (Sensex and Nifty Closed) हुआ। इस दौरान 1681 शेयरों में तेजी आई, 2400 शेयरों में गिरावट दर्ज की गई, जबकि 148 शेयरों में कोई बदलाव नहीं हुआ।

निफ्टी में सबसे ज्यादा तेजी दिखाने वाले शेयरों में ICICI बैंक, M&M, HDFC बैंक, टाइटन कंपनी और एक्सिस बैंक शामिल रहे, जबकि गिरावट वाले शेयरों में आयशर मोटर्स, पावर ग्रिड कॉर्प, भारत इलेक्ट्रॉनिक्स, अडानी एंटरप्राइजेज और टाटा मोटर्स पैसेंजर व्हीकल्स शामिल थे।

सेक्टरों की बात करें तो, एनर्जी, मीडिया और रियल्टी सेक्टर में 1-1 प्रतिशत की गिरावट आई, जबकि कंज्यूमर ड्यूरेबल, निफ्टी बैंक, फार्मा और प्राइवेट बैंक सेक्टर में 1 से 3 प्रतिशत तक की तेजी देखी गई।

निफ्टी मिडकैप सूचकांक में 0.2 प्रतिशत और स्मॉलकैप सूचकांक में 0.8 प्रतिशत की गिरावट आई, जिससे इनकी लगातार 4 दिनों की तेजी का सिलसिला टूट गया।

क्या बोले एक्सपर्ट?

जियोजित इन्वेस्टमेंट्स के हेड ऑफ रिसर्च विनोद नायर ने कहा – “भारतीय इक्विटी बाजर ने वैश्विक गिरावट को धता बताते हुए अपनी बढ़त जारी रखी। विदेशी बाजारों में मची उथल-पुथल के बीच, निवेशकों ने घरेलू बाजार को एक सुरक्षित ठिकाने के रूप में देखा। दूसरी ओर, वॉल स्ट्रीट पर टेक शेयरों में भारी बिकवाली देखने को मिली, क्योंकि निवेशकों को डर था कि डेमोक्रेट्स के सत्ता में आने से कड़े नियम लागू हो सकते हैं।”

उन्होंने आगे कहा कि इस स्थिति का सबसे ज्यादा फायदा फायदा बड़े निजी बैंकों को मिला। उनके पास मौजूद भारी नकदी और आकर्षक वैल्यूएशन के कारण, निवेशकों ने अपना पैसा इन बैंकों में लगाना बेहतर समझा। कच्चे तेल की कीमतों में साप्ताहिक गिरावट, अमेरिकी ट्रेजरी यील्ड में नरमी और रुपये में मज़बूती ने भारतीय बाज़ार के आकर्षण को और बढ़ा दिया।

विनोद नायर ने कहा कि चूंकि फेड के अधिकारी ब्याज दरों में और बढ़ोतरी के संकेत दे रहे हैं, इसलिए आज आने वाली अमेरिकी जॉब्स रिपोर्ट पर सबकी नजरें टिकी होंगी। बहरहाल, जैसे-जैसे संवत 2082 का समापन हो रहा है, बाजार नए संवत में प्रवेश कर रहा है। अच्छी बात यह है कि विदेशी निवेश प्रवाह, कच्चे तेल की कीमतें और मुद्रा की चाल—ये तीनों ही अब एक ही दिशा में जाते दिख रहे हैं।

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