वेलिंगटन। भारत के फील्डिंग कोच शुभदीप घोष ने शुक्रवार को कहा कि न्यूजीलैंड में छोटी बाउंड्री क्षेत्ररक्षकों के लिए चुनौतीपूर्ण है, क्योंकि उनके पास प्रतिक्रिया के लिए समय घट जाता है, लेकिन कई सालों के अनुभव के दम पर विराट कोहली और रोहित शर्मा जैसे दिग्गज इस चुनौती से पार पा सकते हैं।
टी दिलीप की जगह इस साल अगस्त में भारत के फील्डिंग कोच बने घोष ने कहा कि उनकी तैयारियों का फोकस स्थिरता और गेंद को भांपने पर रहा है। टी-20 सीरीज 3-2 से जीतने के बाद भारत पांच मैचों की वनडे सीरीज में 1-0 से आगे है।
घोष ने दूसरे वनडे से पहले कहा कि हमने पहले वनडे में अच्छा प्रदर्शन किया। कुछ अच्छे कैच लपके और फील्डिंग भी शानदार थी। उन्होंने कहा कि कैच लपकना खेल का हिस्सा है। कई बार हमसे कैच छूट जाते हैं। हम इसे लेकर काम कर रहे हैं।
अभ्यास के दौरान इन चीजों पर जोर दिया जाता है। उन्होंने कहा कि न्यूजीलैंड में गेंद को भांपना, मूवमेंट, स्थिरता काफी अहम है। हम ड्रेसिंग रूम में इस पर बात करते हैं।
फील्डिंग में अनुमान लगाना अहम
पहले मैच में कोहली द्वारा लपके गए शानदार कैच और रोहित शर्मा के थ्रो पर रन आउट के बारे में घोष ने कहा कि फील्डिंग में अनुमान लगाना काफी अहम है। विराट कवर्स और पाइंट में फील्डिंग करते आए हैं। उन्हें पता है कि गेंद कहां जाएगी और क्या प्रभाव होगा।
वह हालात को दूसरों की तुलना में जल्दी भांप लेते हैं। उन्होंने कहा कि रोहित के साथ भी ऐसा ही है। वह गेंद को जल्दी भांप लेता है और इसके पीछे अनुभव के साथ कुदरती काबिलियत भी है।











