नई दिल्ली। 2019 चुनाव पास आ जाने और हाल में एससी एसटी कानून को संसद में फिर पुराने स्वरूप में लाये जाने पर भाजपा का कोर वोटबैंक स्वर्ण वोटर भाजपा से दूर होता दिख रहा है। इससे भाजपा काफी परेशान नजर आ रही है। इसको देखते हुए भाजपा की राष्ट्रीय कार्यकारिणी की दो दिवसीय बैठक दिल्ली के अंबेडकर अंतरराष्ट्रीय केंद्र में चल रही है। बैठक में भाजपा अध्यक्ष अमित शाह ने कहा कि 2019 में भाजपा पूर्ण बहुमत के साथ आएगी। उन्होंने कहा कि संकल्प की शक्ति को कोई पराजित नहीं कर सकता। बता दें कि इस बैठक में पार्टी इसी साल होने वाले चार राज्यों के विधानसभा चुनाव के साथ अगले साल के लोकसभा चुनाव के लिए चुनावी रणनीतियों पर चर्चा कर रही है। बैठक में इन राज्यों के साथ-साथ मिशन 2019 के लिए चुनावी मुद्दों पर भी चर्चा हो रही है। गौरतलब है कि इसी साल मध्यप्रदेश, छत्तीसगढ़, राजस्थान और तेलंगाना में विधानसभा चुनाव होने हैं। इनमें तीन राज्यों में पार्टी की सरकार है।
बैठक से पहले भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष अमित शाह ने राष्ट्रीय पदाधिकारियों के साथ अंबेडकर की प्रतिमा पर फूल चढ़ाए। बता दें कि बैठक में दोपहर बाद पार्टी अध्यक्ष अमित शाह के अध्यक्षीय भाषण के पहले पार्टी पदाधिकारियों की बैठक में एजेंडा तय होगा। अध्यक्षीय भाषण के बाद सभी प्रदेश अध्यक्ष अपने अपने राज्यों की रिपोर्टिंग देंगे। चुनावी राज्यों पर अलग-अलग चर्चा कर रणनीति तैयार की जाएगी। एक पूरा सत्र लोकसभा चुनाव की तैयारियों की चर्चा पर होगी। बैठक में राजनीतिक, आर्थिक और विदेश नीति से संबंधित प्रस्ताव पारित होंगे। इसके अलावा दिवंगत अटल बिहारी वाजपेयी के निधन पर शोक प्रस्ताव पारित किया जाएगा। बैठक के अंत में रविवार को पीएम नरेंद्र मोदी का संबोधन होगा।
बैठक में चुनावी राज्यों के साथ अगले लोकसभा चुनाव के लिए न सिर्फ मुद्दे तय होंगे, बल्कि इसे भुनाने की रणनीति भी तैयार होगी। इस क्रम में राष्ट्रीय नागरिकता रजिस्टर (एनआरसी) और मोदी सरकार की उज्जवला सहित अन्य महत्वाकांक्षी योजनाओं को भुनाने की रणनीति तैयार होगी। इस क्रम में एससी-एसटी एक्ट को उसके मूल स्वरूप में वापस लाने केलिए संविधान संशोधन मामले में दलितों को भुनाने केसाथ नाराज सवर्णों को मनाने की भी रणनीति बनेगी। भाजपा के लिए एससी-एसटी एक्ट का मुद्दा गलफांस बन गया है। न दलित को नाराज कर सकते, न सवर्ण को, चुनाव सिर पर हैं। चुनाव भी पांच राज्यों में। भाजपा की राष्ट्रीय कार्यकारिणी की दो दिवसीय बैठक आज से शुरू हो रही है। इस बैठक में चुनावों के मद्देनजर ये मुद्दा प्रमुखता से छाया रहेगा। रणनीति बनेगी कि कैसे इस मुद्दे को किस प्रकार भुलाया जाए। पार्टी किसी वर्ग विशेष के पक्ष या विपक्ष में बोलने की बजाय समरसता का संदेश फैलाने पर जोर दे सकती है। भाजपा मुख्यायल के बजाय पार्टी राष्ट्रीय कार्यकारिणी की बैठक पहली बार दिल्ली के अंबेडकर इंटरनेशनल सेंटर में कर रही है। माना जा रहा है कि इससे दलित समाज का बीजेपी को समर्थन प्राप्त होगा।
अंबेडकर इंटरनेशनल सेंटर में हो रही इस बैठक में भाजपा पांच राज्यों मध्यप्रदेश, राजस्थान, छत्तीसगढ़, तेलंगाना और मिजोरम में हो रहे विधानसभा चुनाव को लेकर अपनी रणनीति तैयार करेगी। बीजेपी सूत्रों ने बताया कि राष्ट्रीय कार्यकारिणी बैठक की थीम ‘सदैव अटल’ होगी और इसकी शुरुआत अटल जी को श्रद्धांजलि देने के साथ ही होगी। एक सीनियर बीजेपी लीडर ने कहा कि आंबेडकप इंटरनेशनल सेंटर अटलमय हो गया है।
बीजेपी प्रवक्ता शाहनवाज हुसैन ने कहा, ‘यह राष्ट्रीय कार्यकारिणी की पहली ऐसी मीटिंग होगी, जिसमें वाजपेयी जी हमारे साथ नहीं होंगे। यहां तक कि जब वह बीमार थे, तब भी हम सोचते थे कि वह हमारे साथ हैं। बीजेपी ने उनके मार्गदर्शन में ही इन ऊंचाइयों को छुआ है।’ कार्यकारिणी की बैठक की शुरुआत पार्टी चीफ अमित शाह के संबोधन के साथ होगी। इसमें वह दलितों से जुड़े मुद्दों पर भी बोल सकते हैं, जिन्हें लेकर फिलहाल राजनीति गरमाई हुई है।