नई दिल्ली। रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन ने भारत और रूस के बीच के ऐतिहासिक संबंधों की सराहना करते हुए पश्चिमी देशों को कड़ा संदेश दिया है। सेंट पीटर्सबर्ग में पत्रकारों से बात करते हुए पुतिन ने साफ किया कि अमेरिका के साथ भारत का बढ़ता सहयोग रूस के साथ उसके दीर्घकालिक और मजबूत संबंधों को कमजोर नहीं करता है।
उन्होंने जोर देकर कहा कि रूस के साथ संबंधों को लेकर नई दिल्ली पर दबाव डालने के वाशिंगटन के सभी प्रयास पूरी तरह विफल रहेंगे।
पीटीआई के अनुसार, रूसी राष्ट्रपति ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व की तारीफ करते हुए कहा कि अमेरिका रूस के साथ भारत के संबंधों के कारण उस पर दबाव डालने की कोशिश कर रहा है, लेकिन प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर दबाव डालने की कोशिश करना पूरी तरह से व्यर्थ है।
पुतिन ने आगे कहा कि रूस को भारत के किसी भी अन्य देश के साथ द्विपक्षीय संबंधों से कोई नकारात्मक परिणाम नहीं दिखता है और उन्होंने भारत को एक विश्वसनीय भागीदार बताया। उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि भारत विश्व की प्रमुख अर्थव्यवस्थाओं में से एक है और वर्तमान में मजबूत आर्थिक विकास का गवाह बन रहा है।
पुतिन ने कहा कि भारत विश्व की प्रमुख अर्थव्यवस्थाओं में से एक है और वर्तमान में प्रभावशाली आर्थिक विकास दर प्रदर्शित कर रहा है। रूसी राष्ट्रपति ने यह भी विश्वास व्यक्त किया कि आने वाले वर्षों में भारत और रूस के बीच द्विपक्षीय व्यापार में महत्वपूर्ण विस्तार जारी रहेगा।
उन्होंने कहा कि मुझे विश्वास है कि आने वाले वर्षों में रूस और भारत के बीच द्विपक्षीय व्यापार 100 अरब डॉलर तक पहुंच जाएगा। पीटीआई के अनुसार, उन्होंने यह भी कहा कि भारत एक महान राष्ट्र और लोकतंत्र है जो अपने राष्ट्रीय हितों का अनुसरण करता है।










