नई दिल्ली। कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे आज 84 साल के हो चुके हैं और वह अपना जन्मदिन नहीं मनाएंगे। उन्होंने कहा कि देश ने सरकार द्वारा शांतिपूर्ण लोकतांत्रिक विरोध-प्रदर्शन को कुचलने, लाठीचार्ज और आंसू गैस के गोले छोड़े जाने की घटनाएं देखी हैं। इन दुखद हालात को देखते हुए उन्होंने अपना जन्मदिन न मनाने का फैसला किया है।
उन्होंने एक्स पर लिखा कि आज का दिन जश्न मनाने का नहीं, बल्कि जवाबदेही तय करने और लोकतंत्र को बहाल करने का है। खरगे ने आगे लिखा, “कल देश ने सरकार द्वारा शांतिपूर्ण लोकतांत्रिक विरोध-प्रदर्शन को कुचलने, लाठीचार्ज और आंसू गैस के गोले छोड़े जाने की घटनाएं देखीं। न्याय की मांग कर रहे छात्रों की आवाज का जवाब देने के बजाय उन पर बल प्रयोग किया गया।”
‘दुखद हालात में जन्मदिन नहीं मनाऊंगा’
कांग्रेस अध्यक्ष ने कहा कि ‘लोकतंत्र की जननी’ अपने युवा बच्चों के साथ ऐसा व्यवहार नहीं करती। सोमवार को हुए संसद चलो विरोध प्रदर्शन का जिक्र करते हुए उन्होंने कहा, “इन दुखद हालात में मैंने आज अपना जन्मदिन न मनाने का फैसला किया है।”
खड़गे ने कहा, “मैं कांग्रेस के सभी नेताओं, कार्यकर्ताओं, समर्थकों, शुभचिंतकों और हर उस नागरिक का बहुत आभारी हूं जिन्होंने मुझे शुभकामनाएं भेजी हैं। आपका प्यार मेरे लिए बहुत मायने रखता है और मैं आप सभी का तहे दिल से शुक्रिया अदा करता हूं।”
खरगे ने किया सवाल
उन्होंने आगे कहा, “लेकिन आज जश्न मनाने का दिन नहीं है। यह जवाबदेही तय करने का दिन है। लोकतंत्र को बहाल करें।” उन्होंने सवाल किया कि न्याय की मांग कर रहे छात्रों पर बेरहमी से लाठीचार्ज क्यों किया गया और आंसू गैस क्यों छोड़ी गई।
खड़गे ने कहा, “संसद को लगभग सील क्यों कर दिया गया और इंटरनेट क्यों बंद कर दिया गया? बार-बार पेपर लीक होने और लाखों युवाओं की परेशानी के लिए कौन जिम्मेदारी लेगा?” उन्होंने मांग की कि सरकार को तुरंत संसद में इस मुद्दे पर पूरी चर्चा की इजाजत देनी चाहिए।










