CJP Protest LIVE: मार्च के दौरान हिंसा को लेकर दिल्ली पुलिस ने दर्ज 5 FIR

दिल्ली। CJP Protest Delhi Live : नीट पेपर लीक के विरोध और एजुकेशन सिस्टम में सुधार की मांग को लेकर कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के आह्वान पर जंतर-मंतर पर एक महीने से चल रहा प्रदर्शन सोमवार को उग्र हो गया। सीजेपी के संस्थापक अभिजीत दीपके ने मंगलवार को भी संसद मार्च जारी रहने का एलान किया है।

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नीट पेपर लीक मुद्दे पर आंदोलन कर रहे कॉकरोच जनता पार्टी का प्रदर्शन मंगलवार को भी जारी है। जंतर-मंतर पर अभी भी बड़ी संख्या में लोगों की मौजूदगी है। सीजेपी प्रवक्ता आशुतोष रांका ने कहा है कि, सोनम वांगचुक जी की भूख हड़ताल जारी है और जंतर मंतर पर हमारा प्रदर्शन भी। आज जेपी नड्डा जी के साथ जो हमारी बैठक थी वह यूजलेस थी चार घंटे हमारे बर्बाद हुए। अब सरकार को यहां आकर बात करनी पड़ेगी। धर्मेंद्र प्रधान का इस्तीफा जब तक नहीं होता हमारा प्रदर्शन जारी रहेगा।’

मोदी ने अंग्रेजों को भी पीछे छोड़ दिया: अरविंद केजरीवाल

छात्रों पर हुए लाठीचार्ज को लेकर अरविंद केजरीवाल ने कहा, ‘जिस तरह से मोदी सरकार ने देश के बच्चों और युवाओं पर बर्बरता से हमला किया है, मुझे नहीं लगता कि इतिहास में पहले देखा गया। मोदी जी ने अंग्रेजों को भी पीछे छोड़ दिया।’

हिरासत में लिए गए छात्रों को तत्काल छोड़ा जाए: अभिजीत दिपके

सीजेपी फाउंडर अभिजीत दिपके ने दिल्ली पुलिस से सवाल पूछा है कि, अब तक कितने लोग पुलिस हिरासत में हैं? साथ ही उन्होंने दिल्ली पुलिस से मांग की है कि हिरासत में लिए गए छात्रों को तत्काल छोड़ा जाए।

सोमवार को हुई हिंसा के बाद पुलिस ने दर्ज की 5 FIR

सोमवार को हुए प्रोटेस्ट मार्च के दौरान हिंसा को लेकर दिल्ली पुलिस ने कनॉट प्लेस पुलिस स्टेशन, पार्लियामेंट स्ट्रीट पुलिस स्टेशन और अन्य पुलिस स्टेशनों में 5 FIR दर्ज की हैं। पुलिस ने बताया कि CCTV के जरिए आरोपियों की पहचान की जा रही है।

सरकार और भी कई युवा छात्रों का खून बहाने को तैयार थी: अभिजीत दिपके

मंगलवार सुबह अभिजीत दिपके ने कहा, मैं अपने सभी समर्थकों से माफी मांगता हूं, खासकर उन लड़कियों से जिन्हें पुरुष पुलिस अधिकारियों ने बेरहमी से पीटा। हम और बेहतर कर सकते थे। दिल्ली पुलिस की अमानवीय हरकतों से आपको बचाने के लिए मैं और बेहतर कर सकता था।

उन्होंने आगे कहा, सिर्फ एक धर्मेंद्र प्रधान को बचाने के लिए – जो 20 से ज्यादा छात्रों की मौत के लिए जिम्मेदार हैं – सरकार और भी कई युवा छात्रों का खून बहाने को तैयार थी। अगर आप घायल हुए थे और यह संदेश देख रहे हैं, तो कृपया मुझे मैसेज करें। मैं आपसे व्यक्तिगत रूप से बात करना और माफी मांगना चाहता हूं। हम आप सभी के लिए लड़ते रहेंगे।

कनॉट प्लेस थाने में अज्ञात लोगों के खिलाफ FIR दर्ज

कॉकरोच जनता पार्टी के विरोध मार्च के दौरान सोमवार हुई हिंसा और गाड़ियों में तोड़-फोड़ को लेकर दिल्ली पुलिस ने कनॉट प्लेट पुलिस स्टेशन में एफआईआर दर्ज की है। दिल्ली पुलिस द्वारा यह एआईआर अज्ञात लोगों के खिलाफ की गई है।

दिल्ली पुलिस ने दावा किया है कि सीजेपी के संसद मार्च के दौरान प्रदर्शनकारियों ने पत्थरबाजी को अंजाम दिया है। इस बीच दिल्ली के कनॉट प्लेस से एक पत्थरबाजी का वीडियो भी सामने आया है, जिसमें सैंकड़ों युवा पथराव के साथ बैरिकेंडिग उखाड़ते नजर आ रहे हैं।

सोनम वांगचुक से जुड़े मामले में कल 12.30 बजे सुनवाई करेगा दिल्ली हाई कोर्ट

वकील सुभाष चंद्रन KR ने बताया कि वह आइशी घोष का पक्ष रख रहे हैं, जो दिल्ली हाई कोर्ट में याचिकाकर्ता हैं। हमारा मामला दिल्ली पुलिस की गैर-कानूनी निगरानी से जुड़ा है। सोनम वांगचुक के मामले में, हाई कोर्ट ने दिल्ली पुलिस और सोनम के वकील को निर्देश दिया है कि वे कल दोपहर 12:30 बजे अपने डॉक्टरों को कोर्ट में बुलाएं। कोर्ट यह जानना चाह रहा था कि क्या सोनम वांगचुक प्रशासन या मेडिकल जांच में सहयोग कर रहे हैं।

आज कोर्ट में पेश हुए डॉक्टर ने बताया कि जब सोनम वांगचुक का वीडियो बनाया जा रहा था, तो वे सहयोग नहीं कर रहे थे। तब कोर्ट ने सवाल किया, ‘आप उनके मेडिकल टेस्ट की वीडियोग्राफी क्यों कर रहे हैं?’ दोनों पक्षों – सफदरजंग अस्पताल और सोनम वांगचुक-को कल कोर्ट में रिपोर्ट जमा करनी होगी। आइशी घोष से जुड़े मेरे मामले में, कोर्ट ने सॉलिसिटर जनरल को निर्देश दिया है कि वे निजता (प्राइवेसी) के मुद्दों पर सुप्रीम कोर्ट के पहले के फैसलों को देखें। इसलिए, इस मामले पर कल दोपहर 12:30 बजे सोनम वांगचुक के मामले के साथ ही सुनवाई होगी।

JP नड्डा किस हैसियत से प्रदर्शनकारियों से मिले, सुप्रिया श्रीनेत ने उठाए सवाल

CJP नेताओं की केंद्रीय मंत्री JP नड्डा से मुलाकात पर कांग्रेस नेता सुप्रिया श्रीनेत ने कहा कि JP नड्डा किस हैसियत से उनसे मिल रहे हैं, क्या वह शिक्षा मंत्री हैं, गृह मंत्री हैं या प्रधानमंत्री हैं? JP नड्डा क्या फैसले ले सकते हैं? छात्र विरोध कर रहे हैं। धर्मेंद्र प्रधान उनसे क्यों नहीं मिल सकते? उन्हें किस बात का डर है और उनमें इस्तीफा देने की नैतिकता क्यों नहीं है? पूरा देश शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान का इस्तीफा चाहता है। मैं जानना चाहती हूं कि उनका इस्तीफा क्यों नहीं हो रहा है।

पुलिस ने गुंडों जैसा व्यवहार किया- डिंपल यादव

समाजवादी पार्टी की सांसद डिंपल यादव ने कहा कि छात्रों की पिटाई की गई है। आज का दिन लोकतंत्र और हमारे इतिहास में एक काले दिन के तौर पर याद किया जाएगा। कुछ पुलिसकर्मियों की आंखों में शर्म भी देखी जा सकती थी। फिर भी, अपनी ड्यूटी के दौरान उन्होंने अपने नाम के बैज हटा दिए और आगे बढ़े। कुछ पुलिस अधिकारियों ने गुंडों जैसा व्यवहार किया। जहां कुछ पुलिसकर्मी सहयोग कर रहे थे, वहीं कुछ बिना वर्दी के आए और छात्रों को पीटा, यहां तक कि उन्हें बिजली के झटके भी दिए।
इस नियम के उलट कि बल का प्रयोग केवल पैरों पर किया जाना चाहिए, उन्होंने छात्रों की छाती पर वार किया। आज उन्होंने भारत माता के दिल पर सीधा प्रहार किया है। हम शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान को हटाने की मांग करते हैं। सरकार को जिम्मेदारी स्वीकार करनी चाहिए और जवाबदेही दिखानी चाहिए। क्या यही आपका ‘नया भारत’ है, जहां बेटियों के कपड़े फाड़े जाते हैं? हम कई ऐसे छात्रों से मिले जिनके कपड़े फाड़ दिए गए थे।
यह वाकई दुर्भाग्यपूर्ण है। शायद भारत के इतिहास में कभी ऐसी सरकार नहीं रही जो इतनी अहंकारी, बेरहम और संवेदनहीन हो, जिसने निहत्थे छात्रों पर लाठियां चलाई हों। मैं उन सभी को सलाम करती हूं जिन्होंने इतना दृढ़ संकल्प दिखाया और अपनी बात रखने के लिए पूरे भरोसे के साथ यहां आए। वे विरोध करने के लिए दूर-दूर से आए और उन्होंने शांतिपूर्ण तरीके से ऐसा किया। ये लोग (सरकार) नहीं चाहते कि देश संविधान के अनुसार चले; वे इसे RSS की विचारधारा के अनुसार चलाना चाहते हैं। हम अब संसद जा रहे हैं। हम सदन में इस मुद्दे को जोर-शोर से उठाएंगे और उसके बाद जंतर-मंतर लौटने की कोशिश करेंगे।

पुलिस ने सीजेपी का प्रदर्शन स्थल खाली कराया

मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक, संसद के मानसून सत्र के दौरान सुरक्षा व्यवस्था कड़ी किए जाने के बीच पुलिस ने सीजेपी (CJP) के प्रदर्शन स्थल को खाली करा दिया। जंतर-मंतर पर लगाए गए मंच और धरना स्थल को हटाते हुए प्रदर्शनकारियों को वहां से जाने के लिए कहा गया। पुलिस का कहना था कि कानून-व्यवस्था और सुरक्षा के मद्देनजर यह कार्रवाई की गई, जबकि प्रदर्शनकारियों ने इसे अपनी लोकतांत्रिक आवाज दबाने की कोशिश बताया।

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