नई दिल्ली। पश्चिम बंगाल की राजनीति में गुरुवार को बड़ा घटनाक्रम सामने आया, जब एजेयूपी (AJUP) के संस्थापक हुमायूं कबीर ने पूर्व मुख्यमंत्री ममता बनर्जी को विधानसभा में वापसी का खुला प्रस्ताव दिया। हाल ही में तृणमूल कांग्रेस (TMC) से अलग होकर अपनी पार्टी बनाने वाले कबीर ने कहा कि यदि ममता बनर्जी चाहें तो वह रेजिनगर सीट खाली कर उनके लिए रास्ता बना सकते हैं।
मुर्शिदाबाद जिले की नवादा और रेजिनगर सीट से 2026 विधानसभा चुनाव जीतने वाले हुमायूं कबीर ने कहा कि नंदीग्राम से ममता बनर्जी की जीत मुश्किल हो सकती है, लेकिन रेजिनगर से वह आसानी से विधानसभा पहुंच सकती हैं।
समाचार एजेंसी पीटााई के अनुसार, हुमायू कबीर ने कहा, “अगर ममता बनर्जी मेरे पास आती हैं, तो मैं उन्हें रेजिनगर से विधानसभा भेज सकता हूं। अगर वह नंदीग्राम से चुनाव लड़ेंगी तो जीत नहीं पाएंगी। लेकिन अगर वह चाहें, तो मैं इस्तीफा देकर उनकी जीत सुनिश्चित करूंगा। ”
हुमायूं कबीर ने ममता बनर्जी के प्रति सहानुभूति जताते हुए कहा कि उनकी मौजूदा राजनीतिक स्थिति उन्हें दुख पहुंचाती है। उन्होंने कहा, “आज जिस स्थिति में वह हैं, उसे देखकर मुझे तकलीफ होती है। मैं आज जो कुछ भी हूं, उनकी वजह से हूं।”
हालांकि, कबीर ने अपने क्षेत्रीय प्रभाव का भी जिक्र किया। उन्होंने कहा कि अब शायद उनकी बात हर कोई न सुने, लेकिन रेजिनगर में हुमायूं कबीर ही आखिरी शब्द हैं।
राजनीतिक रिश्तों में बड़ा बदलाव
कभी टीएमसी के खिलाफ मोर्चा खोलने वाले हुमायूं कबीर का यह बयान राजनीतिक हलकों में काफी चर्चा का विषय बन गया है। पिछले साल पार्टी नेतृत्व से लंबे विवाद के बाद उन्हें टीएमसी से बाहर कर दिया गया था। इसके बाद उन्होंने आम जनता उन्नयन पार्टी (AJUP) बनाई और राज्य सरकार के मुखर आलोचक बनकर उभरे।
उन्होंने लगातार ममता सरकार पर निशाना साधा था और सत्ता परिवर्तन की मांग की थी। ऐसे में अब ममता बनर्जी को विधानसभा पहुंचाने का प्रस्ताव देना उनके राजनीतिक रुख में बड़ा बदलाव माना जा रहा है।
मुश्किल दौर से गुजर रही हैं ममता बनर्जी
टीएमसी को हालिया विधानसभा चुनाव में झटका लगने और पार्टी के भीतर बढ़ते असंतोष के बीच ममता बनर्जी राजनीतिक दबाव का सामना कर रही हैं। ऐसे समय में हुमायूं कबीर का यह प्रस्ताव पश्चिम बंगाल की राजनीति में नए समीकरणों के संकेत माना जा रहा है।










