भारत के ग्रामीण इलाकों में अब हाई-स्पीड इंटरनेट का सपना जल्द सच हो सकता है। एलन मस्क की सैटेलाइट इंटरनेट कंपनी स्टारलिंक ने भारतीय बाजार में अपनी मजबूत दस्तक के संकेत दे दिए हैं। एलन मस्क ने एक्स पर एक ट्वीट किया है। उन्होंने अपने ट्वीट में लिखा स्टारलिंक भारत में उन लोगों की मदद करेगा, जहां सेवाएं सबसे कम पहुंचती हैं।
खासकर ग्रामीण इलाकों में। उनके इस ट्वीट से साफ समझ आ रहा कि वे कहना चाहते हैं कि स्टारलिंक की सैटेलाइट इंटरनेट सर्विस भारत के उन इलाकों के लिए लिए बहुत काम की होंगी, जहां इंटरनेट की सुविधा बहुत कम है। दरअसल, कंपनी पूरे देश में हाई-स्पीड कनेक्टिविटी देना चाहती है।
दूर-दराज के उन इलाकों में स्टारलिंक की सैटेलाइट सर्विस से काफी फायदा होगा, जहां मोबाइल नेटवर्क और इंटरनेट नहीं पहुंच पाता है। एलन मस्क के इस ट्वीट को देखकर लग रहा है कि दुनिया की सबसे बड़ी LEO सैटेलाइट ऑपरेटर कंपनी भारत के सैटेलाइट कम्युनिकेशन मार्केट को लेकर काफी उत्साहित है। साथ ही, टिप्स्टर DogeDesigner ने दावा किया है कि भारत के 11256 गांवों में 4G नेटवर्क नहीं है।
बहुत हो चुका इंतजार- टिप्स्टर
मस्क ने लोकप्रिय टिप्स्टर DogeDesigner के एक एक्स पोस्ट को रीशेयर करके ये बात कही है। टिप्स्टर के ट्वीट में भारत के ग्रामीण इलाकों की आबादी और इंटरनेट कनेक्टिविटी के आंकड़े दिखाए गए थे। उन्होंने कहा कि सरकार खुद कहती है कि मोबाइल कनेक्टिविटी में जो कमी रह गई है, उसकी वजह मुश्किल इलाके, कम कमर्शियल फायदे और इंफ्रास्ट्रक्चर की दिक्कतें हैं। यहीं पर स्टारलिंक दूर-दराज के गांवों, पहाड़ों, द्वीपों और आपदा वाले इलाकों तक पहुंचकर मदद कर सकता है।
डायरेक्ट-टू-डिवाइस कनेक्टिविटी के जरिए टावर कवरेज के दायरे से बाहर भी फोन से कनेक्टेड रहने में मदद मिल सकती है। पोस्ट में आगे यह भी कहा गया है कि भारत सरकार को बाकी बची मंजूरी पूरी करनी चाहिए, स्पेक्ट्रम अलॉट करना चाहिए और स्टारलिंक को कमर्शियल लॉन्च के लिए जल्द से जल्द मंजूरी देनी चाहिए। भारत पहले ही बहुत इंतजार कर चुका है।
11,256 गांवों में नहीं है 4G
टिप्स्टर ने ट्वीट में यह भी बताया कि मई 2026 तक भारत के लिस्टेड गांवों में से 11,256 गांवों में 4G कवरेज नहीं था। मार्च 2026 में भारत में 1.093 अरब इंटरनेट सब्सक्रिप्शन थे, लेकिन इनमें से सिर्फ 440.87 मिलियन ग्रामीण इलाकों से थे। शहरों के मुकाबले गांवों में इंटरनेट कनेक्शन बहुत कम हैं। आंकड़ों के मुताबिक, जहां शहरों में हर 100 में से लगभग 127 लोगों के पास इंटरनेट सुविधा है, वहीं गांवों में 100 में से सिर्फ 48 लोगों के पास ही यह सेवा उपलब्ध है।
इसका मतलब है कि जहां 4G नेटवर्क नहीं पहुंच रहा है। वहां भी स्टारलिंक की सैटेलाइट सर्विस हाई-स्पीड कनेक्शन देगी। इससे ग्रामीण इलाकों में बेहतर कनेक्टिविटी पहुंचेगी।
मंजूरी के लिए फिर किया आवेदन
स्टारलिंग लगातार भारत में अपनी सैटेलाइट ब्रॉडबैंड सर्विस शुरू करने की कोशिश में लगा हुई है। लेकिन कुछ सरकारी अप्रूवल के चलते अभी कंपनी भारत में एंट्री नहीं कर पा रही है। उम्मीद है कि जल्द ही भारत में सैटेलाइट इंटरनेट आने वाला है। एलन मस्क का यह ट्वीट तब आया है, जब स्टारलिंक ने भारत में सैटेलाइट कम्युनिकेशन सर्विस देने की कोशिशें फिर से शुरू कर दी हैं। हाल ही में आई रिपोर्ट के अनुसार, कंपनी ने स्पेस रेगुलेटर के पास ‘Gen 2 कॉन्स्टेलेशन’ के लिए मंजूरी के लिए फिर से अर्जी दी है, जो डायरेक्ट-टू-डिवाइस (D2D) कनेक्टिविटी समेत लेटेस्ट टेक्नोलॉजीज देता है।











