ग्लास्गो: कॉमनवेल्थ गेम्स की मुक्केबाजी स्पर्धा में भारतीय मुक्केबाजों का दबदबा बरकरार है। पुरुषों के 80 किलोग्राम भारवर्ग के फाइनल मुकाबले में भारत के अंकुश पंघाल ने इंग्लैंड के डिमेजी शिट्टू को हराकर गोल्ड मेडल पर कब्जा जमाया। मुकाबले की शुरुआत अंकुश के लिए चुनौतीपूर्ण रही और पहले राउंड में स्टैंडिंग काउंट मिलने के बाद वह पांचों जजों के कार्ड्स पर 9-10 से पिछड़ गए थे। हालांकि, इसके बाद अंकुश ने जबरदस्त वापसी करते हुए मैच का रुख मोड़ दिया।
दूसरे राउंड से पलटा मैच का पासा
शुरुआती राउंड गंवाने के बाद अंकुश पंगाल ने दूसरे राउंड में गजब का संयम और आक्रामकता दिखाई। उन्होंने इंग्लिश मुक्केबाज पर लगातार हमले किए, जिसके दबाव में शिट्टू को अपनी गलतियों का खामियाजा भुगतना पड़ा। दूसरे राउंड में फाउल के चलते शिट्टू का एक अंक (पॉइंट) काट लिया गया। इस राउंड में तीन जजों ने अंकुश के पक्ष में अंक दिए, जिससे अंतिम और तीसरे राउंड में जाने से पहले अंकुश तीन जजों के कार्ड्स पर बढ़त बनाने में सफल रहे।
पेनल्टी ने पक्की की अंकुश की जीत
तीसरे और निर्णायक राउंड में भी अंग्रेज मुक्केबाज अपनी गलतियों से उबर नहीं सका। दबाव में आए शिट्टू का तीसरे राउंड में भी एक और अंक काट लिया गया। दो पेनल्टी पॉइंट्स कटने के बाद इंग्लिश बॉक्सर के लिए मुकाबले में वापसी के सभी रास्ते बंद हो गए। इसके साथ ही जजों ने अंकुश पंघाल को विजेता घोषित किया और भारत के खाते में एक और चमचमाता गोल्ड मेडल आ गया।
बॉक्सिंग में भारत के 7 गोल्ड मेडल पूरे
अंकुश पंगाल की इस शानदार जीत के साथ ही भारत का मुक्केबाजी में अब तक का प्रदर्शन बेहद ऐतिहासिक हो गया है। इस गेम्स में भारतीय बॉक्सिंग दल ने अब तक 7 गोल्ड और 2 सिल्वर मेडल अपने नाम कर लिए हैं। साक्षी चौधरी और सचिन सिवाच के बाद अंकुश के इस पंच ने भारत के स्वर्ण पदकों की संख्या में एक और इजाफा कर दिया है, जबकि एक और गोल्ड मेडल का मुकाबला अभी बाकी है।












