वॉशिंगटन: अमेरिका बीते 5 महीने, 28 जुलाई से ईरान के साथ युद्ध में है। अमेरिका के खाड़ी देशों में स्थित आर्मी बेस और दूसरे ठिकानों पर ईरान ने लगातार हमले किए हैं। ऐसे में अमेरिका के सैन्य संसाधनों पर कथित तौर पर दबाव बढ़ता जा रहा है। खासतौर से एयर डिफेंस के मामले में अमेरिका कमजोर पड़ रहा है। नेवी के बेड़े पर भी दबाव बढ़ रहा है। इससे अमेरिकी योजनाकारों के सामने इजरायल की सुरक्षा को लेकर चिंता पैदा हो रही है।
वॉशिंगटन पोस्ट की रिपोर्ट के अनुसार, यूरोप में अमेरिकी सेना के कमांडर ने पेंटागन को निजी तौर पर चेतावनी दी है कि अमेरिकी नौसेना के संसाधनों पर दबाव बढ़ रहा है। फिलहाल की स्थिति में अतिरिक्त मदद के बिना अमेरिका के लिए ईरान के बैलिस्टिक मिसाइल हमलों से इजरायल की रक्षा जारी रखना मुश्किल हो सकता है।
बढ़ते सैन्य दबाव पर जनरल की चेतावनी
रिपोर्ट के मुताबिक, अमेरिकी यूरोपीय कमान के प्रमुख जनरल एलेक्सस ग्रिनकेविच ने पेंटागन से कहा है कि मिशन को जारी रखने के लिए उन्हें एक और नौसेना डिस्ट्रॉयर की जरूरत है। ऐसा नहीं होने पर उन्हें जल्द ही इजरायल की सुरक्षा के बजाय अमेरिकी जमीन की सुरक्षा को प्राथमिकता देनी पड़ सकती है।
अमेरिकी नेवी के लगातार ऑपरेशन से उसके डिस्ट्रॉयर बेड़े पर दबाव है। वॉल स्ट्रीट जर्नल, द न्यूयॉर्क टाइम्स और दूसरी न्यूज एजेंसियों ने भी अपनी रिपोर्टों में अमेरिका के पैट्रियट मिसाइलों और एयर डिफेंस इंटरसेप्टर के घटते स्टॉक की ओर इशारा किया है। हालांकि अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप ने इससे इनकार किया है।
इजरायली सुरक्षा में अमेरिकी युद्धपोत
पूर्वी भूमध्य सागर में तैनात अमेरिकी नौसेना के डिस्ट्रॉयर सालों से इजरायल की सुरक्षा में अहम भूमिका निभा रहे हैं। एडवांस्ड रडार सिस्टम और मिसाइल इंटरसेप्टर से लैस इन युद्धपोतों ने ना केवल ईरान बल्कि यमन में तेहरान-समर्थित हूती विद्रोहियों की ओर से दागी गई मिसाइलों को भी रोका है।
एक अमेरिकी अधिकारी के मुताबिक, शुक्रवार को दो डिस्ट्रॉयर- USS पॉल इग्नेशियस और USS रूजवेल्ट मेडिटेरेनियन में थे। वहीं USS अर्ले बर्क, USS बल्कली और USS ऑस्कर ऑस्टिन स्पेन में तैनात थे। पेंटागन के असेसमेंट में पाया गया है कि ईरानी बैलिस्टिक मिसाइलों से इजरायल की रक्षा का ज्यादा बोझ अमेरिकी फोर्स ने उठाया है।
पेंटागन के इस असेसमेंट रिपोर्ट में कहा गया कि इजरायली एयर डिफेंस हथियारों की तुलना में अमेरिकी सिस्टम का ज्यादा इस्तेमाल हुआ, जिनमें टर्मिनल हाई एल्टीट्यूड एरिया डिफेंस (THAAD) और पूर्वी मेडिटेरेनियन से लॉन्च किए गए नेवल इंटरसेप्टर शामिल हैं। इससे अमेरिकी सेना पर दबाव बढ़ रहा है।













