ट्विशा शर्मा की मौत के हालात को लेकर बना सस्पेंस खत्म हो गया है, क्योंकि सेंट्रल ब्यूरो ऑफ़ इन्वेस्टिगेशन (CBI) ने सोमवार को भोपाल की स्पेशल CBI कोर्ट में इस मामले में अपनी चार्जशीट दाखिल कर दी है। CBI ने भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धाराओं 80(2), 80(5), 3 और 108 के तहत चार्जशीट दाखिल की है। 636 पन्नों की इस चार्जशीट में दहेज निषेध अधिनियम की धाराएं 3 और 4 भी शामिल हैं। सूत्रों के मुताबिक, त्विशा के पति समर्थ सिंह और सास गिरिबाला सिंह पर दहेज के लिए परेशान करने और आत्महत्या के लिए उकसाने का आरोप लगाया गया है।
CBI की जांच से पता चलता है कि एजेंसी को ऐसा कोई सबूत नहीं मिला है जिससे यह साबित हो सके कि ट्विशा की हत्या हुई थी। यह उसके पिता एन. शर्मा के आरोपों के उलट है; उन्होंने दावा किया था कि उनकी बेटी के साथ मारपीट की गई और बाद में उसे फांसी पर लटका दिया गया ताकि उसकी मौत को आत्महत्या जैसा दिखाया जा सके। CBI कोर्ट ने एजेंसी को इस मामले में अपनी अंतिम रिपोर्ट जमा करने के लिए 17 अगस्त तक का समय दिया था।
जांच करने वालों ने जांच के दौरान इकट्ठा किए गए कई तरह के डिजिटल और फोरेंसिक सबूतों का सहारा लिया है, जिनमें ट्विशा की वॉट्सऐप बातचीत, फ़ोन रिकॉर्ड और मौत से ठीक पहले अपनी माँ के साथ हुई आखिरी बातचीत शामिल है। एजेंसी ने तकनीकी सबूतों की फोरेंसिक जांच के लिए समर्थ और गिरिबाला सिंह के आवाज़ के नमूने भी लिए थे। सूत्रों ने बताया कि CBI की जांच में समर्थ द्वारा ट्विशा को उनके होने वाले बच्चे को लेकर परेशान किए जाने के संकेत मिले हैं। जांचकर्ताओं का मानना है कि इसी वजह से ट्विशा ने यह कठोर कदम उठाया।
चार्जशीट में दहेज के कारण मौत से जुड़ी धाराओं को शामिल करने से पता चलता है कि एजेंसी ने ट्विशा की मौत की परिस्थितियों की जांच करते समय दहेज से जुड़ी क्रूरता या उत्पीड़न के आरोपों की भी पड़ताल की है।












