नई दिल्ली। लंबी प्रतीक्षा के बाद सामने आई भाजपा की राष्ट्रीय टीम संकेत दे रही है कि एक-एक नाम तय करने के लिए पूरा होमवर्क किया गया है। नेतृत्व की निगाह यदि नवीन टीम में नई ऊर्जा और अनुभव का संतुलन बनाए रखने को लेकर थी तो उतनी ही चिंता चुनावी तैयारी को लेकर भी रही है।
चूंकि, राष्ट्रीय टीम में फेरबदल सामान्यत: जल्द नहीं किए जाते, इसलिए पार्टी ने अपनी प्राथमिकता में सिर्फ उन्हीं बड़े राज्यों को नहीं रखा, जहां 2027 में विधानसभा चुनाव होने हैं, बल्कि जिस तरह से सूची में मध्य प्रदेश और राजस्थान का दबदबा दिखाई दे रहा है, उससे यह समझना स्वाभाविक है कि यह टीम 2028 के विधानसभा चुनावों और 2029 में होने वाले लोकसभा चुनाव को भी ध्यान में रखा गया है।
यूपी चुनाव पर विशेष नजर
राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन की राष्ट्रीय टीम में सबसे अधिक प्राथमिकता में उत्तर प्रदेश रहा है। सर्वाधिक लोकसभा और विधानसभा सीटों वाले इस राज्य का दावा वैसे भी बनता है, लेकिन कुछ माह बाद ही विधानसभा चुनाव होने के कारण इस राज्य का महत्व और बढ़ जाता है। इसका असर सूची में साफ दिखता है।
राष्ट्रीय उपाध्यक्ष से लेकर मोर्चों में यूपी भागीदारी कुल आठ पदाधिकारियों के साथ है। अगले ही वर्ष उत्तराखंड और गुजरात में भी चुनाव हैं। उत्तराखंड आकार और आबादी में छोटा होते हुए भी सूची में चार पदाधिकारी पा गया। इतने ही पदाधिकारी गुजरात से भी हैं, जबकि पंजाब से दो नेता शामिल किए गए हैं।
एमपी-छत्तीसगढ़ पर भी दांव
उत्तर प्रदेश के बाद यदि किसी राज्य का सबसे अधिक दबदबा दिखा है तो वह मध्य प्रदेश है। यहां से कुल छह पदाधिकारी बनाए गए हैं, जबकि राजस्थान से चार हैं। छत्तीसगढ़ से भी दो पदाधिकारी बनाए गए हैं।
इसका संकेत साफ है कि 2028 में इन राज्यों में चुनाव होने हैं। हिंदी पट्टी के इन मजबूत प्रभाव राज्यों में भाजपा संगठन के माध्यम से अभी से अपनी तैयारियों को बनाए रखना चाहती है।
भाजपा अध्यक्ष नितिन नवीन की बहुप्रतीक्षित टीम का एलान हो गया है। 65 सदस्यीय टीम में अनुभवी और युवा चेहरों का समन्वय रखा गया है। संगठन में 12 महिलाओं सहित विभिन्न सामाजिक समुदायों और प्रदेशों को पर्याप्त प्रतिनिधित्व देने की कोशिश की गई है।
अमेठी में हार के बाद से राष्ट्रीय राजनीति से दूर चल रहीं स्मृति इरानी की भाजपा संगठन में महासचिव के रूप में वापसी हुई है। पहले महासचिव रह चुके राम माधव इस बार उपाध्यक्ष के रूप में वापस आए हैं। वहीं लंबे समय से इंटरनेट मीडिया सेल की जिम्मेदारी संभाल रहे अमित मालवीय बाहर हो गए हैं।
मंत्रिमंडल में फेरबदल की अटकलें तेज
संगठन के पुनर्गठन की प्रक्रिया पूरी होने के बाद अब मोदी सरकार के मंत्रिमंडल में फेरबदल की अटकलें तेज हो गई हैं। माना जा रहा है कि संगठन में स्थान नहीं पाने वाले अनुराग ठाकुर जैसे कई युवा सांसदों के लिए अब सरकार में वापसी हो सकती है।
इसके साथ ही सरकार में अन्य युवा चेहरों को भी जगह मिल सकती है। माना जा रहा है कि एक पखवाड़े के अंदर ही मंत्रिमंडल फेरबदल होगा, जिसमें साथी दलों के कुछ सदस्यों को भी शामिल किया जा सकता है।
नवीन की टीम में 40 से कम उम्र के छह, 40-49 के 15 और 50 से 59 की उम्र के 21 सदस्य हैं। इसी तरह से 40 प्रतिशत से अधिक सदस्य वंचित समाज से हैं।
2029 चुनाव पर ध्यान
एक वरिष्ठ नेता ने कहा कि इस टीम को 2029 के चुनाव की जरूरतों को ध्यान में रखकर बनाया गया है। लंबे समय तक पार्टी के कोषाध्यक्ष का पद संभाल चुके वाणिज्य मंत्री पीयूष गोयल की इसी पद पर फिर वापसी हुई है। अब तक राजेश अग्रवाल यह जिम्मेदारी निभा रहे थे।
राजेश मंगल को सह कोषाध्यक्ष बनाया गया है। कुछ महीने पहले राज्यसभा के सात सांसदों के साथ आप छोड़कर भाजपा में शामिल होने वाले संदीप पाठक को राष्ट्रीय मंत्री बनाया गया है। जबकि पुरानी टीम में सचिव रहे हरीश द्विवेदी की पदोन्नति महासचिव के रूप में हुई है।
हरीश द्विवेदी असम के प्रभारी हैं, जहां भाजपा विधानसभा चुनाव में लगातार तीसरी बार विजयी हुई है। हरियाणा, छत्तीसगढ़ और बंगाल में चुनाव सह प्रभारी के रूप में अहम भूमिका निभाने वाले त्रिपुरा के पूर्व मुख्यमंत्री बिप्लव देव को भी महासचिव बनाया गया है। मौजूदा महासचिवों में सिर्फ सुनील बंसल और विनोद तावड़े अपनी जगह बचाने में सफल रहे हैं।
मीडिया पर नैरेटिव की लड़ाई
जंतर-मंतर पर जेन-जी आंदोलन के दौरान इंटरनेट मीडिया पर नैरेटिव की लड़ाई में पिछड़ने के कारण निशाने पर आए अमित मालवीय की जगह नवीन ने छत्तीसगढ़ के दीपक म्हस्के पर भरोसा जताया है।
नवीन छत्तीसगढ़ का प्रभारी रहते हुए म्हस्के का काम देख चुके हैं। सामाजिक वर्गों तक पहुंच बनाने में अहम भूमिका निभाने वाले विभिन्न मोर्चों में भी नए चेहरों को जगह दी गई है।
कुल मिलाकर इस टीम में कुछ वरिष्ठ सदस्यों को छोड़कर बाकी वैसे कार्यकर्ता हैं जो सांसद या विधायक नहीं हैं। लेकिन उन्हें संगठन में काम करने का अनुभव रहा है।
नई टीम के यह हैं पदाधिकारी
राष्ट्रीय उपाध्यक्ष – राम माधव (दिल्ली) , वसुंधरा राजे (राजस्थान), तीरथ सिंह रावत (उत्तराखंड), वैजयंत जय पांडा (ओडिशा), डी पुरंदेश्वरी (आंध्र प्रदेश), रेखा वर्मा (उत्तर प्रदेश), वर्षाबेन नरेंद्र भाई दोशी (गुजरात), भारती प्रवीण पवार (महाराष्ट्र), मनप्रीत सिंह बादल (पंजाब), लाल सिंह आर्य (मध्य प्रदेश), एम नागराज (कर्नाटक), तारिक मंसूर (उत्तर प्रदेश), मधु चंद्रकर (बंगाल)
राष्ट्रीय महामंत्री (संगठन) – बीएल संतोष (दिल्ली)
राष्ट्रीय सह महामंत्री(संगठन) – शिवप्रकाश (मुंबई) सौदान सिंह (चंडीगढ़)
राष्ट्रीय महासचिव- स्मृति इरानी(उत्तर प्रदेश), हरीश द्विवेदी (उत्तर प्रदेश), बिप्लव देव (त्रिपुरा), सतीश पूनिया (राजस्थान), गजेंद्र पटेल( मध्य प्रदेश), संजय भाटिया(हरियाणा), सुनील बंसल (दिल्ली) , विनोद तावड़े (महाराष्ट्र)
राष्ट्रीय सचिव – कविता पाटीदार (मध्य प्रदेश), के सुरेंद्रन(केरलम), भोला सिंह (उत्तर प्रदेश), प्रदीप वर्मा (झारखंड), जगदीश ईश्वरभाई पटेल (गुजरात), संदीप पाठक (दिल्ली), फांग्नोन कोन्यक (नगालैंड), संगीता यादव (उत्तर प्रदेश), अनिल एंटनी(केरलम), एम वेंकटेशन (तमिलनाडु), मनोज टिग्गा (बंगाल), सिद्धार्थ शंभु (बिहार), स्वदेश सिंह (दिल्ली), मृगांका देव बर्मन (असम), रोहन गुप्ता (गुजरात), जय प्रकाश (दिल्ली)
कोषाध्यक्ष – पीयूष गोयल (महाराष्ट्र)
सह कोषाध्यक्ष- राजेश मंगल (राजस्थान)
केंद्रीय भाजपा कार्यालय प्रभारी- तरुण चुघ(पंजाब)
कार्यालय मंत्री – महेंद्र पांडे (उत्तराखंड)
आइटी सेल प्रमुख – दीपक म्हस्के (छत्तीसगढ़)
सह संयोजक– प्रीति गांधी (महाराष्ट्र) शिवानंद द्विवेदी (दिल्ली), आलोक भट्ट (उत्तराखंड), अरुण कुमार (हरियाणा)
युवा मोर्चा अध्यक्ष– हेमांग जोशी (गुजरात)
महिला मोर्चा अध्यक्ष – रूप कुमारी चौधरी (छत्तीसगढ़)
ओबीसी मोर्चा अध्यक्ष– अमरपाल मौर्य (उत्तर प्रदेश)
किसान मोर्चा अध्यक्ष – बंसीलाल गुर्जर (मध्य प्रदेश)
एससी मोर्चा अध्यक्ष– शिवेश कुमार राम (बिहार)
एसटी मोर्चा अध्यक्ष- मन्नालाल रावत (राजस्थान)
अल्पसंख्यक मोर्चा अध्यक्ष– कुंवर बासित अली (उत्तर प्रदेश)
नार्थ ईस्ट संयोजक– संबित पात्रा (ओडिशा)
नार्थ ईस्ट सहसंयोजक – राजीव बब्बर (दिल्ली)
प्रकोष्ठ संकुल संयोजक– विष्णु दत्त शर्मा (मध्य प्रदेश)
प्रकोष्ट संकुल सहसंयोजक – ऋतुराज (बिहार), विष्णु वर्धन रेड्डी (आंध्र प्रदेश)
मीडिया संयोजक – अनिल बलूनी (उत्तराखंड)
– आशीष उषा अग्रवाल (मध्य प्रदेश), प्रदीप भंडारी (दिल्ली), सिद्धार्थ यादव(दिल्ली)
टीम में किस राज्य से कितने प्रतिनिधि
दिल्ली – 10
उत्तर प्रदेश – 8
मध्य प्रदेश – 6
महाराष्ट्र – 5
राजस्थान- 4
उत्तराखंड – 4
गुजरात – 4
बिहार-3
ओडिशा- 2
आंध्र प्रदेश- 2
बंगाल- 2
हरियाणा-2
केरलम- 2
छत्तीसगढ़-2
पंजाब- 2
कर्नाटक-1
चंडीगढ़ -1
त्रिपुरा- 1
झारखंड- 1
नगालैंड -1
तमिलनाडु-1
असम-1












