चंडीगढ़ : पंजाब के ममदोट में आम आदमी पार्टी (AAP) के नेता गुरप्रीत सिंह उर्फ गोपी की चार हथियारबंद हमलावरों ने गोली मारकर हत्या कर दी। 45 साल के गुरप्रीत सिंह एक और व्यक्ति, हरप्रीत उर्फ हैप्पी (22 साल) के साथ कार में जा रहे थे, तभी शनिवार रात शहर के मुख्य बाज़ार में हमलावरों ने उन पर गोलियां चला दीं। पुलिस के अनुसार, चार हमलावर एक कार में आए, गाड़ी से उतरे और सिंह की कार पर गोलियां चलाईं। गोलीबारी के बाद गुरप्रीत सिंह गोपी और हरप्रीत को सिविल अस्पताल ले जाया गया। अस्पताल पहुंचने पर डॉक्टरों ने सिंह को मृत घोषित कर दिया।
हमले में घायल हुए हरप्रीत को आगे के इलाज के लिए लुधियाना के एक प्राइवेट अस्पताल में रेफर कर दिया गया। पुलिस गोलीबारी की घटना की जांच कर रही है और हमलावरों की पहचान करने की कोशिश कर रही है।
कार से पीछा करके मारी गोली
सीनियर सुपरिटेंडेंट ऑफ पुलिस (SSP) भूपिंदर सिंह सिद्धू ने बताया कि गुरप्रीत गोपी और हरप्रीत नाम का एक व्यक्ति मोटरसाइकिल पर जा रहे थे, तभी कार में सवार हमलावरों ने उनका पीछा किया और गोलियां चला दीं। इस गोलीबारी में गोपी की मौत हो गई। SSP ने कहा कि इस हमले के पीछे एक पुराना विवाद था, और जांच में चुनाव से जुड़ा विवाद एक अहम पहलू के तौर पर सामने आया है।
हमलावरों की पहचान
जांच करनेवाले अधिकारी गाड़ी पर हुई फायरिंग से जुड़े हालात की जांच कर रहे हैं और घटनाक्रम का पूरा ब्योरा पता लगाने की कोशिश कर रहे हैं। एसएसपी भूपिंदर सिंह सिद्धू ने कहा कि दोनों पक्षों के बीच पुराना विवाद था। हमलावरों की पहचान कर ली गई है और हमारी टीमें बना दी गई हैं। हम जल्द से जल्द उन्हें गिरफ्तार कर लेंग। उन्होंने आगे कहा कि मुख्य आरोपी का आपराधिक बैकग्राउंड है और वह गैर-कानूनी गतिविधियों में शामिल व्यक्ति के तौर पर जाना जाता है।
जांच जारी रहने के साथ ही कई टीमें बनाई गई हैं और अलग-अलग जगहों पर छापेमारी की जा रही है। इस घटना ने पंजाब में कानून-व्यवस्था को लेकर नई चिंताएं पैदा कर दी हैं। हमले के पीछे चुनाव से जुड़ा विवाद होने की बात से इस मामले के राजनीतिक चर्चा का विषय बनने की भी संभावना है।










