तेहरान। ईरान ने मिडिल ईस्ट में अमेरिकी ठिकानों पर हमला किया था। वहीं अब अमेरिकी सेना ने इन हमलों का जवाब दिया है। अमेरिका ने ‘इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स’ (IRGC) के ठिकानों पर हमले किए हैं। अमेरिकी सेना ने सोशल मीडिया पर पोस्ट शेयर करते हुए इस हमले की जानकारी दी।
अमेरिकी सेना ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर पोस्ट में लिखा, ‘आज दोपहर 12 बजे ET (भारतीय समयानुसार रात 9:30 बजे) पर, अमेरिकी सेना ने ईरान में इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (IRGC) के ठिकानों पर हमले शुरू किए। ये हमले होर्मुज जलडमरूमध्य में कमर्शियल जहाजों और इस क्षेत्र में तैनात अमेरिकी सैनिकों पर IRGC द्वारा हाल ही में किए गए हमलों की कोशिशों के बाद किए गए हैं।’
अमेरिका ने ईरान पर किया हमला
अमेरिका-इजरायल ने 28 फरवरी को ईरान पर हमला किया था। इस युद्ध को चलते हुए छह महीने से ज्यादा का वक्त निकल गया है, लेकिन होर्मुज जलडमरूमध्य अभी भी बंद है और अमेरिका ईरानी बंदरगाहों की नाकेबंदी जारी रखे हुए है।
अमेरिका ने कई हफ्तों बाद रविवार, 30 अगस्त को ईरान पर अपना पहला हमला किया और एक ईरानी द्वीप को निशाना बनाया। अमेरिका ने कहा कि उसकी सेना ने लराक द्वीप पर ईरानी रॉकेट लॉन्चरों पर हमला किया ताकि इस्लामिक रिपब्लिक को शिपिंग लेन में और अधिक बारूदी सुरंगें (माइंस) बिछाने से रोका जा सके।
ईरान ने इन हमलों के जवाब में जॉर्डन में अमेरिकी ठिकानों पर मिसाइलें दागीं, जिन्हें सफलतापूर्वक रोक दिया गया। संयुक्त अरब अमीरात ने भी कहा कि उसने अपने जल क्षेत्र के ऊपर एक ईरानी ड्रोन को रोका।
ईरान की अर्थव्यवस्था तबाह
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनल्ड ट्रंप ने सोमवार को दावा किया, ‘अमेरिका और इजरायल की बमबारी ने ईरान को एक असफल राष्ट्र बना दिया है। उनका नेतृत्व खत्म हो चुका है, सेना बर्बाद हो गई है और अर्थव्यवस्था तबाह हो गई है, लेकिन अभी भी और हमलों की जरूरत पड़ सकती है।’
ट्रंप ने पत्रकारों से कहा, ‘इसका मतलब यह नहीं है कि हम उन पर हमला नहीं करेंगे। देखते हैं क्या होता है।’











