नई दिल्ली: हथियार प्रोजेक्ट में इन्वेस्टमेंट के नाम पर देशभर में करीब 1 हजार करोड़ रुपये की ठगी का मामला सामने आया है। यह पूरा खेल अमेरिकी रक्षा विभाग से जुड़े एक कथित 83000 करोड़ रुपये के प्रोजेक्ट और ‘इंडो-यूएस पैसिफिक पीस ट्रीटी’ के नाम पर सालाना सैकड़ों करोड़ का काम दिलाने के नाम पर हुआ। हैदराबाद से वेंकिता वेंकट और दिल्ली से राहुल नायर और हितेश कुमार को अरेस्ट किया गया। पूछताछ में खुलासा हुआ कि अमेरिकी रक्षा विभाग के लिए भारत में हथियार बनाने का फर्जी प्रोजेक्ट दिखाकर यह सब्ज़बाग दिखाया गया।
- वसंत विहार थाने में दर्ज एफआईआर के मुताबिक, बेंगलुरु की टेक्नोलॉजी कंपनी SRIT इंडिया लिमिटेड के डायरेक्टर डॉ. मधु नांबियार का मई 2023 के आसपास VPVV टेक्नो कंस्ट्रक्शन से संपर्क हुआ था।
- वसंत विहार स्थित कंपनी के ऑफिस में कई मीटिंग हुईं, जिनमें VPVV के प्रतिनिधियों ने खुद को भारत और विदेशों में बड़े इन्फ्रास्ट्रक्चर प्रोजेक्ट कराने वाली कंपनी के तौर पर पेश किया।
- दावा किया कि ‘इंडो-यूएस पैसिफिक पीस ट्रीटी’ के तहत भारत में इन्फ्रास्ट्रक्चर और रक्षा से जुड़ा प्रोजेक्ट शुरू होने वाला है।
2050 तक हर साल 500 करोड़ के वर्क ऑर्डर दिलाने का दिया था भरोसा
प्रोजेक्ट के लिए भूमि अधिग्रहण, इंजीनियरिंग, तकनीकी सेवाएं, साइबर सिक्योरिटी, टेलिकॉम, एआई, इलेक्ट्रॉनिक सिक्योरिटी और सर्विलांस जैसे काम शामिल बताए गए। 2050 तक हर साल 500 करोड़ के वर्क ऑर्डर दिलाने का भरोसा दिया। SRIT प्रोजेक्ट टेक्नोलॉजी पार्टनर बनने के लिए राजी हो गया। सरकारी दस्तावेज और मुहरें दिखाकर भरोसे में लेकर 1.75 करोड़ की राशि बतौर अर्नेस्ट मनी डिपॉजिट (EMD) जमा कराई गई।










