होर्मुज स्ट्रेट पर अमेरिका का कंट्रोल, अब हमारी बातचीत में दिलचस्पी नहीं

वॉशिंगटन: अमेरिका और ईरान के बीच बढ़ते तनाव के बीच डोनाल्ड ट्रंप ने होर्मुज जलडमरूमध्य पर कब्जे का दावा किया है। अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप ने कहा है कि होर्मुज जलडमरूमध्य पर वॉशिंगटन का ‘लगभग पूरा नियंत्रण’ हो गया है। ईरान की सत्ता लगातार कमजोर हो रही है और अर्थव्यवस्था ढहती जा रही है। ऐसे अब ईरानी जनता को तेहरान की मौजूदा सत्ता के खिलाफ सड़क पर आना चाहिए और इस निजाम को उखाड़ फेंकना चाहिए।

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डोनाल्ड ट्रंप ने एबीसी न्यूज की उस रिपोर्ट को खारिज कर दिया, जिसमें कहा गया था कि वह तेहरान को बातचीत की मेज पर वापस लाने की कोशिश कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि उन्हें ईरान को किसी समझौते के लिए मजबूर करने में कोई दिलचस्पी नहीं है क्योंकि तेहरान बुरी तरह कमजोर हो गया है। ट्रंप का ये दावा अमेरिका के ईरान पर फिर से हमले शुरू करने के बाद आया है।

ईरान के साथ किसी समझौते के लिए दबाव बनाने में मेरी कोई दिलचस्पी नहीं है क्योंकि हम बेहद मजबूत हैं। अमेरिकी आर्मी का स्ट्रेट ऑफ होर्मुज पर तकरीबन कब्जा हो चुका है और ईरान की अर्थव्यवस्था चरमरा गई है।
यूएस प्रेसिडेंट डोनाल्ड ट्रंप

‘ईरान के लोग उठ खड़े हों’

डोनाल्ड ट्रंप ने सोशल मीडिया पोस्ट में लिखा, ‘मैं ईरान को बातचीत की मेज पर लाने की कोशिश नहीं कर रहा हूं जैसा कि एबीसी फेक न्यूज ने बताया है। अगर वे कोई ऐसा समझौता करते हैं, जो उनके लिए बेकार है तो मुझे कोई परवाह नहीं है। ईरान को मौजूदा स्थिति ही पसंद है, जिसमें होर्मुज पर हमारा नियंत्रण है और उनकी अर्थव्यवस्था ढह रही है। वे बस वही कर रहे हैं, जो होना ही है।’

डोनाल्ड ट्रंप ने अपनी पोस्ट में ईरान की जनता से मोजतबा खामेनेई के नेतृत्व वाले इस्लामी शासन के विरोध की अपील की है। डोनाल्ड ट्रंप ने ईरानियों को संबोधित करते हुए कहा कि ईरान के लोग कब उठ खड़े होंगे और लड़ेंगे। ट्रंप ने कई बार ये दावा किया है कि उनकी सेना ने होर्मुज पर नियंत्रण कर लिया है। ईरान इसे खारिज करता रहा है और इस रणनीतिक जलमार्ग पर पूरी तरह कंट्रोल की बात कहता है।

होर्मुज स्ट्रेट पर तनातनी

अमेरिका-इजरायल के 28 फरवरी को ईरान पर हमले के बाद पश्चिम एशिया में तनाव बना हुआ है। बीते करीब एक महीने से दोनों पक्षों में शांति बनी हुई थी लेकिन बीते दो दिनों में अमेरिका ने होर्मुज स्ट्रेट में ईरानी ठिकानों पर हमले किए हैं। इसके जवाब में ईरान ने जॉर्डन, बहरीन और इराक में अमेरिकी संपत्तियों और ठिकानों पर जवाबी कार्रवाई की। इससे दोनों पक्षों में तनातनी बढ़ गई है।

ईरान और अमेरिका के बीच हालिया संघर्ष होर्मुज स्ट्रेट के आसपास सिमटता दिखा है। ईरान इस जलमार्ग पर कड़ी निगरानी रख रहा है तो अमेरिका भी इस क्षेत्र में प्रभाव बढ़ाने की कोशिश में हैं। होर्मुज स्ट्रेट एक महत्वपूर्ण वैश्विक ऊर्जा मार्ग है। अमेरिका और इजरायल के हमलों के विरोध में ईरान ने इस रूट को शिपिंग के लिए प्रभावी रूप से बंद कर दिया है।

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