वॉशिंगटन: होर्मुज स्ट्रेट पर कंट्रोल और पिकैक्स माउंटेन पर हमलों की धमकी के बाद डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान के बारे में नए पोस्ट किए हैं। ट्रंप ने पश्चिम एशिया का नक्शा शेयर करते हुए ईरान के मैप को अपने सिर के आकार में दिखाया है। यानी एक तरह से उन्होंने ईरान पर अमेरिका के कब्जे की धमकी दी है। डोनाल्ड ट्रंप ने हालिया दिनों में बार-बार ऐसे बयान दिए हैं, जो ईरान पर बड़े पैमाने पर अटैक का संकेत देते हैं। अमेरिका-इजरायल ने इस साल 28 फरवरी को ईरान पर हमले किए थे। इसके बाद से ही दोनों पक्षों में लड़ाई चल रही है। ट्रंप के हालिया बयान ईरान पर नए सिरे से बड़े हमले का अंदेशा पैदा कर रहे हैं।
अमेरिकी राष्ट्रपति ने सोमवार को ट्रुथ सोशल पर कई पोस्ट की हैं। इनमें से एक पोस्ट में ईरान के नक्शे पर ट्रंप का चेहरा दिखाया गया, जिसमें बिफॉर और आफ्टर लिखा गया है। यानी अभी जो ईरान का नक्शा है, वह अमेरिकी हमले के बाद पूरी तरह से ट्रंप के अनुरूप हो जाएगा। अमेरिकी राष्ट्रपति स्ट्रेट ऑफ होर्मुज का नाम बदलकर ट्रंप स्ट्रेट रखने की बात भी कह चुके हैं।
होर्मुज स्ट्रेट पर दावे
ट्रंप ने होर्मुज ऑयल वॉल्यूम्स आर बैक शीर्षक वाला एक ग्राफिक पोस्ट किया है। इसमें ईरान और ओमान के बीच के संकरे जलमार्ग का नक्शा दिखाया गया। साथ ही ऐसे आंकड़े थे, जिनमें दावा किया गया था कि तेल की मात्रा बढ़कर 18 मिलियन बैरल प्रति दिन हो गई है, जबकि टकराव से पहले यह 20 मिलियन बैरल प्रति दिन थी।
डोनाल्ड ट्रंप की शेयर की गई यह तस्वीर प्रतिबंधों के आर्थिक असर और नौसैनिक नाकेबंदी के जरिए ईरान की तेल बेचने की क्षमता को बाधित करने की कोशिशों को उजागर करने के अभियान का हिस्सा है। तेहरान तेल से होने वाली कमाई पर बहुत ज्यादा निर्भर है। इसलिए एक्सपोर्ट इस आर्थिक टकराव का मुख्य केंद्र बन गया है।
बाय-बाय खर्ग
ट्रंप ने सोशल मीडिया पर चार्ट से हटकर एक कहीं अधिक नाटकीय तस्वीर दिखाई। इसे बाय-बाय खर्ग शब्दों के साथ शेयर किया गया। AI-जनरेटेड ग्राफिक में एक लड़ाकू विमान को विस्फोटों और आग की लपटों से घिरे तेल संयंत्र की ओर तेजी से बढ़ते हुए दिखाया गया है। यह तस्वीर खार्ग द्वीप पर हमले की संभावना को दर्शाती है, जो ईरान का मुख्य कच्चा तेल निर्यात केंद्र है।
ट्रंप के बयानों का सिलसिला एक व्यापक संदेश के साथ समाप्त हुआ। अंतिम ग्राफिक में ईरान का नक्शा था और उस पर लिखा था ईरान एक विफल राष्ट्र है। ट्रंप की पोस्ट का उद्देश्य ईरान को हर तरफ से दबाव में दिखाना था। उसका तेल निर्यात दबाव में है और प्रमुख ऊर्जा बुनियादी ढांचे को खतरों का सामना करना पड़ रहा है।
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ईरान युद्ध लंबा खिंच सकता है
इस बीच अमेरिका के पूर्व रक्षा मंत्री लियोन पेनेटा ने चेतावनी दी है कि अमेरिका और ईरान के बीच जारी सैन्य संघर्ष छह महीने और चल सकता है। यह मध्य पूर्व का एक लंबा युद्ध बन सकता है। पेनेटा ने कहा कि वॉशिंगटन और तेहरान के बीच गतिरोध है। दोनों में से कोई भी पक्ष पीछे हटता हुआ नहीं दिख रहा है।
उन्होंने द गार्जियन को दिए एक साक्षात्कार में पेनोटा ने कहा कि कहा कि मुझे लगता है कि इस युद्ध के अगले छह महीने तक बिना किसी समाधान के जारी रहने की संभावना है। छह महीने से अधिक समय पहले शुरू हुए इस संघर्ष को समाप्त करने के लिए राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के पास सीमित विकल्प हैं।










