बर्लिन। भारत को अपना नंबर वन दुश्मन मानने वाला पाकिस्तान अपने परमाणु हथियारों के जखीरे को लगातार बढ़ा रहा है। जर्मन सरकार की रिपोर्ट ने पाकिस्तान के परमाणु प्रसार की प्रतिबद्धताओं की कलई खोलकर रख दी है। इस रिपोर्ट में कहा गया है कि चीन के सहयोग से पाकिस्तान तेजी से अपनी न्यूक्लियर अटैक क्षमता को बढ़ा रहा है।
16 जून 2020 को जारी जर्मनी की एनुअल रिपोर्ट ऑफ द ऑफिस फॉर द प्रोटक्शन ऑफ द कंस्टीट्यूशन फॉर द जर्मन स्टेट ऑफ बैडेन-वुर्टेमबर्ग में कहा गया है कि पाकिस्तान समेत ईरान, उत्तर कोरिया और सीरिया तेजी से सामूहिक विनाश के हथियारों को बना रहे हैं। इनमें परमाणु, जैविक और रासायनिक हथियार शामिल हैं।
रिपोर्ट मे यह भी कहा गया है कि ये देश अवैध रूप से जर्मनी से इन हथियारों को बनाने के लिए कलपुर्जों की खरीद की कोशिश भी कर रहे हैं। रिपोर्ट में कहा गया है कि इस तरह के हथियारों का उत्पादन और प्रसार, शांति और अंतरराष्ट्रीय सुरक्षा के लिए एक गंभीर खतरा है।
जर्मनी की इस रिपोर्ट में कहा गया है कि पाकिस्तान का व्यापक सैन्य परमाणु कार्यक्रम कट्टर दुश्मन भारत के खिलाफ प्रेरित है। बता दें कि जून में ही जारी स्वीडन के प्रमुख थिंक टैंक स्टॉकहोम इंटरनेशनल पीस रिसर्च इंस्टीट्यूट (सिपरी) ने अपनी रिपोर्ट में कहा था कि पाकिस्तान के पास 160 परमाणु हथियार हैं जो भारत से ज्यादा हैं।
रिपोर्ट में जर्मनी में महत्वपूर्ण संस्थानों और उच्च तकनीक कंपनियों को चेतावनी देते हुए कहा गया है कि पाकिस्तान सरीखे कई देश तकनीकी या कलपुर्जों को देने पर सामूहिक विनाश के हथियार को विकसित कर सकते हैं। रिपोर्ट ने राज्य के संस्थानों को चेतावनी दी है कि इस तरह के हथियारों को विकसित करने और उनके रखरखाव के लिए पाकिस्तान पश्चिमी देशों पर निर्भर है।
सिपरी ने अपनी रिपोर्ट में कहा था कि भारत और चीन दोनों ने 2019 में अपने परमाणु जखीरे में वृद्धि की है। चीन के शस्त्रागार मे जहां कुल 320 हथियार हैं वहीं पाकिस्तान के पास 160 जबकि भारत के पास 150 हथियार हैं। रिपोर्ट में आगाह किया गया कि चीन अपने परमाणु शस्त्रागार के महत्त्वपूर्ण आधुनिकीकरण के मध्य में है। वह पहली बार तथाकथित जल थल और नभ से परमाणु हमला करने की क्षमता विकसित करने की कोशिश कर रहा है।










