कोलकाता: पश्चिम बंगाल की राजनीति में हलचल तेज है। टीएमसी की टूट से पार्टी में हड़कंप मचा हुआ है। एजेयूपी प्रमुख और विधायक हुमायूं कबीर ने तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) में कथित गुटबाजी, नेतृत्व शैली और भाजपा की रणनीति को लेकर कई बड़े दावे किए हैं। टीएमसी के दो गुटों में बंटने की चर्चा पर प्रतिक्रिया देते हुए हुमायूं कबीर ने कहा कि यह स्थिति पहले से ही तय थी और वह पिछले छह महीनों से इसकी चेतावनी देते आ रहे हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि पार्टी में टिकट वितरण और पदों के आवंटन को लेकर गंभीर सवाल हैं, जिनकी जानकारी उन्होंने कई बार मुख्यमंत्री ममता बनर्जी को भी दी थी।
टीएमसी के वोटों को खत्म करने के लिए प्लान बी पर काम कर रही बीजेपी
हुमायूं कबीर ने कहा कि उन्होंने बार-बार पार्टी नेतृत्व को इन मुद्दों से अवगत कराया, लेकिन उनकी बातों पर ध्यान नहीं दिया गया। उनके अनुसार, पार्टी के भीतर चल रही गतिविधियों के कारण वर्तमान स्थिति पैदा हुई है। उन्होंने कहा कि टीएमसी के नेताओं पर जुल्म हो रहा था और टिकट बंटवारा ठीक से नहीं हो रहा था। बीजेपी को लेकर उन्होंने दावा किया कि पश्चिम बंगाल में बीजेपी का मुख्य लक्ष्य टीएमसी को कमजोर करना और खत्म करना है। चुनावी नतीजों में टीएमसी को 60 प्रतिशत तो खत्म कर दिया और 40 प्रतिशत ही पार्टी बची है। टीएमसी के वोटों को खत्म करने के लिए बीजपी प्लान बी पर काम कर रही है।
अगले चुनाव में खत्म हो जाएंगे टीएमसी से बगावत करने वाले
उन्होंने आरोप लगाया कि टीएमसी को खत्म करने के लिए बीजेपी एक वैकल्पिक रणनीति यानी ‘प्लान-बी’ पर काम कर रही है। इस रणनीति में कुछ राजनीतिक चेहरों को शामिल किया गया है और आने वाले चुनावों में इसका असर देखने को मिल सकता है। उन्होंने दावा कि पार्टी खत्म हो जाएगी। उन्होंने कहा कि जिन लोगों ने टीएमसी से बगावत की है, अगले चुनाव में ये सभी खत्म हो जाएंगे। देखेंगे कि इसमें से कितने लोग चुनाव जीतते हैं। ऋतब्रत बनर्जी द्वारा अपने गुट का सलाहकार बनाए जाने के बयान पर उन्होंने कहा कि ममता बनर्जी के इतने बुरे दिन नहीं आए हैं कि पार्टी को तोड़ने वालों के साथ खड़ी होंगी।
ममता से मुलाकात पर क्या बोले हुमायूं कबीर
पूर्व मुख्यमंत्री ममता बनर्जी की मदद करने संबंधी सवाल पर हुमायूं कबीर ने कहा कि राजनीतिक मतभेद अपनी जगह हैं लेकिन व्यक्तिगत स्तर पर यदि कोई उन्हें बातचीत के लिए बुलाता है तो वह मिलने जाएंगे और उनकी बात सुनेंगे। पार्टी के साथ गठबंधन के सवाल पर उन्होंने कहा कि ममता बनर्जी के साथ गठबंधन बहुत मुश्किल है। आने वाले चुनाव में हम अकेले चुनाव लड़ने वाले हैं।
मस्जिद का काम जारी, 2028 में होगा उद्घाटन
उन्होंने यह भी बताया कि विधानसभा में शपथ ग्रहण के दौरान उनकी मुलाकात मुख्यमंत्री ममता बनर्जी से हुई थी। कबीर के अनुसार, शपथ लेने के बाद दोनों के बीच बातचीत हुई थी और अगले दिन वह उन्हें मिठाई देने के लिए उनके कक्ष में भी गए थे। हुमायूं कबीर ने मस्जिद को लेकर कहा कि मस्जिद का काम चल रहा है, 2028 में उसका उद्घाटन होगा और जाने-माने लोगों को इसमें आमत्रित किया जाएगा। सुरक्षा कम किए जाने पर उन्होंने कहा कि मैं सुरक्षा के लिए पत्र भेजूंगा और इतंजार करूंगा कि सरकार क्या फैसला लेती है।













