अहमदाबाद। नवरंगपुरा इलाके के कोविड अस्पताल में आग लगने से 8 मरीजों की मौत हो गई। इनमें 5 पुरुष और 3 महिलाएं शामिल हैं। एडिशनल चीफ सेक्रेटरी राजीव कुमार गुप्ता ने बताया कि श्रेय हॉस्पिटल को सील कर दिया है। 41 मरीजों को सरदार वल्लभ भाई पटेल (एसवीपी) अस्पताल में शिफ्ट किया गया है। बॉडीज को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया है।

मोदी ने मुख्यमंत्री विजय रूपाणी से बात की
मोदी ने प्रधानमंत्री राष्ट्रीय राहत कोष (पीएमएनआरएफ) से मारे गए लोगों के परिवार को 2-2 लाख रुपए देने का ऐलान किया है। इसके अलावा, इस हादसे में जख्मी लोगों को 50 हजार की मदद दी जाएगी। उधर, मुख्यमंत्री रूपाणी ने इस घटना के जांच के आदेश दे दिए हैं। इस जांच का नेतृत्व एडिशनल चीफ सेक्रेटरी (होम डिपार्टमेंट), संगीता सिंह करेंगी। मुख्यमंत्री ने तीन दिन में रिपोर्ट देने को कहा है।
पुलिस और फायर बिग्रेड के कर्मचारियों ने लोगों को बाहर निकाला
चश्मदीदों के मुताबिक, पुलिस और फायर बिग्रेड के कर्मचारियों ने मरीजों को दूसरे वार्ड में शिफ्ट किया। इनका कहना है कि मरने वालों की तादाद बढ़ सकती है। उधर, मरीजों के परिजन का कहना है कि अस्पताल प्रबंधन ने आग लगने की जानकारी पुलिस और फायर बिग्रेड को देरी से दी।

इन लोगों की मौत हुई: वारिस मंसूरी (42), नवनीत शाह (18), लीलाबेन शाह (72), नरेंद्र शाह (51), अरविंद भावसार (72), ज्योंति सिंघी (55), मनुभाई रामी (82) और भाविन शाह (51)।

हादसे के बाद मरीजों को नजदीक के एसवीपी अस्पताल में शिफ्ट किया गया। सीएम विजय रूपानी ने अहमदाबाद के श्रेय अस्पताल में आग लगने की घटना पर जांच के आदेश दिए हैं। संगीता सिंह, अतिरिक्त मुख्य सचिव (गृह विभाग) जांच का नेतृत्व करेंगी। CM ने 3 दिनों के भीतर रिपोर्ट देने का आदेश दिया है ।
नवरंगपुरा पुलिस स्टेशन के एक वरिष्ठ पुलिस अधिकारी ने कहा, “आईसीयू वार्ड में भर्ती आठ मरीजों की जलने से मृत्यु हो गई है। प्राथमिक सूचना के अनुसार यह माना जा रहा है कि आग शॉर्ट सर्किट के कारण लगी है। हमारे अधिकारी एफएसएल विशेषज्ञों की मदद से घटना की जांच कर रहे हैं। शवों को पोस्टमार्टम के लिए भेजा जा रहा है।”
आग लगने के बाद कई दमकल गाड़ियां मौके पर पहुंची और आग पर काबू पा लिया गया। श्रेय अस्पताल, गुजरात सरकार द्वारा घोषित कोविड -19 समर्पित 50 बिस्तरों वाला एक निजी अस्पताल है।













