ईडी के रडार पर पीएफआई का फंडिंग नेटवर्क, सीजेएम की अदालत में दाखिल की अर्जी

मथुरा। उत्तर प्रदेश के मथुरा में गिरफ्तार पॉपुलर फ्रंट ऑफ इंडिया (पीएफआई) के चार सदस्यों पर ईडी (प्रवर्तन निदेशालय) का शिकंजा कसता जा रहा है। सोमवार को ईडी की छह सदस्यीय टीम मथुरा पहुंची। यहां मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट की अदालत में आरोपियों से पूछताछ करने के लिए अनुमति दिए जाने की अर्जी दाखिल की है।

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चारों आरोपी अभी जेल में हैं। सीजेएम की अनुमति मिलने के बाद ईडी आरोपियों से पूछताछ करेगी। ईडी फंडिंग करने वालों का पता लगाएगी।

पुराने खाते की डिटेल भी खंगालने में जुटी ईडी

पीएफआई के पकड़े गए चारों सदस्यों के बारे में ईडी की टीम पुराने खाते की डिटेल खंगालने में जुटी है। चारों के खातों के बारे में हुए ट्रांजेक्शन के बारी में जानकारी कर रही है। यहीं नहीं, उनके परिवार के भी खातों की डिटेल के लिए डिटेल जुटा रही है। इस मामले में ईडी की एक टीम बहराइच जिले में दो दिन से डेरा डाले हुए हैं।

पांच अक्टूबर को पकड़े गए थे चारों आरोपी

दरअसल, उत्तर प्रदेश के मथुरा जिले में पांच अक्टूबर की रात पुलिस ने मांट टोल प्लाजा से चरमपंथी संगठन पॉपुलर फ्रंट ऑफ इंडिया (PFI) और उसके सहयोगी कैंपस फ्रंट ऑफ इंडिया (CFI) से जुड़े चार लोगों को गिरफ्तार किया था। उनमें केरल के मल्लपुरम निवासी पत्रकार सिद्दीक कप्पन‚ मुजफ्फरनगर निवासी अतीक उर रहमान‚ बहराइच निवासी मसूद अहमद और रामपुर निवासी आलम शामिल हैं।

इनके पास हाथरस गैंगरेप मामले से जुड़ा भड़काऊ साहित्य मिला था। चारों आरोपी दिल्ली से आए थे और हाथरस जा रहे थे। PFI यानी पॉपुलर फ्रंट ऑफ इंडिया एक चरमपंथी इस्लामिक संगठन है। इसका हेड ऑफिस दिल्ली के शाहीन बाग में है। यह संगठन नागरिकता संशोधन कानून (CAA) के विरोध में दिल्ली में हुए दंगों में भी शामिल था।

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