नई दिल्ली। दिल्ली सरकार ने कोरोना की वैक्सीन मिलते ही इसे लगाने की तैयारी शुरू कर दी है। इसके तहत सभी हॉस्पिटल और नर्सिंग होम के हेल्थ केयर वर्कर्स का डेटाबेस तैयार किया जा रहा है। उन्हें सबसे पहले वैक्सीन दी जाएगी। उनके एनरोलमेंट के लिए सभी अस्पतालों से डेटा मांगा गया है।
सरकार ने इसके लिए एक पब्लिक नोटिस जारी किया है। इसके मुताबिक, हेल्थ वर्कर्स का डेटा दिल्ली स्टेट हेल्थ मिशन की वेबसाइट पर दिए लिंक के जरिए अपलोड करना है।
नोटिस में कहा गया है कि दिल्ली सरकार कोविड-19 के वैक्सीनेशन के लिए हेल्थ केयर वर्कर्स का एनरोलमेंट कर रही है। कई रजिस्टर्ड नर्सिंग होम और अस्पतालों के अलावा छोटे क्लिनिक भी यह डेटा दे चुके हैं।इस बीच, पूर्व प्रधानमंत्री एचडी देवगौड़ा ने सरकार को वैक्सीनेशन प्रक्रिया के लिए सुझाव दिया है। उन्होंने कहा कि वैक्सीन सस्ती होनी चाहिए और गरीबों को ये मुफ्त में मिलनी चाहिए।
मेडिकल स्टाफ के नाम मांगे गए
दिल्ली सरकार ने बचे हुए नर्सिंग होम और क्लीनिक से अपने यहां काम करने वाले स्टाफ के नाम मांगे हैं। इनमें एलोपैथिक, डेंटल, आयुष, फिजियोथेरेपी क्लीनिक, डायग्नोस्टिक लैब, रेडियोलॉजी सेंटर के मेडिकल, पैरामेडिकल, सपोर्टिंग और एडमिनिस्ट्रेटिव स्टाफ शामिल हैं। अब तक सैकड़ों सरकारी और प्राइवेट हेल्थ केयर वर्कर्स कोरोना से संक्रमित हो चुके हैं। इनमें से कई अब भी पॉजिटिव हैं।
उधर, दिल्ली में गुरुवार को कोरोना के 3,734 नए केस मिले हैं। यहां लगातार दूसरे दिन 70,000 से ज्यादा टेस्ट किए गए। इस बीच दिल्ली का पॉजिटिविटी रेट गिरकर 4.96% पर आ गया है। यहां कुल मामलों की संख्या 5 लाख 82 हजार 58 हो गई है। रिकवरी रेट 93% से ज्यादा है।
केंद्र सरकार भी तैयार
यूनियन हेल्थ मिनिस्ट्री के अधिकारियों के मुताबिक, एंटी-कोरोना वायरस वैक्सीन मिलते ही स्पेशल कोविड-19 इनोक्यूलेशन प्रोग्राम के तहत इसे लगाया जाएगा। सरकार ने राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों से कहा है कि एमबीबीएस और बीडीएस डॉक्टरों के साथ-साथ इंटर्न, स्टाफ नर्स, सहायक नर्स, दाइयों और फार्मासिस्टों को संभावित वैक्सीनेटर माना जाएगा। बशर्ते कि उन्हें इंजेक्शन लगाने में अनुभव हो।










