नई दिल्ली। आम आदमी पार्टी का आरोप है कि मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल को उनके आवास से बाहर नहीं आने दिया जा रहा है। इसके साथ ही मुख्यमंत्री से मुलाकात करने जा रहे लोगों को भी उनके आवास में प्रवेश नहीं करने दिया जा रहा है। इसके विरोध में मंगलवार को आम आदमी पार्टी के सैकड़ों कार्यकर्ता दिल्ली के सबसे व्यस्त आईटीओ चौराहे के पास धरने पर बैठ गए हैं।
आईटीओ पर आम आदमी पार्टी मुख्यालय के बाहर प्रदर्शन कर रहे आप कार्यकर्ताओं का कहना है कि उनके नेताओं को भारत बंद में शामिल होने से रोका जा रहा है। पुलिस की इसी कथित कार्रवाई के खिलाफ आम आदमी पार्टी के कार्यकर्ता सड़कों पर उतरे हैं। आम आदमी पार्टी के कार्यकर्ता मुख्यमंत्री आवास पर जाने की मांग कर रहे हैं। आईटीओ पर हो रहे इस प्रदर्शन के कारण यातायात प्रभावित हुआ है और वाहनों के लिए मार्ग परिवर्तित करने पड़े हैं।
आईटीओ चौराहे के पास सैकड़ों की तादाद में आम आदमी पार्टी के कार्यकर्ता सड़क के दोनों और प्रदर्शन कर रहे हैं। पुलिस भीड़ को नियंत्रित करने के लिए मौके पर बड़ी तादाद में पुलिस बल भी मौजूद है। पुलिस ने फिलहाल बैरिकेड लगाकर आप कार्यकर्ताओं को आईटीओ के नजदीक रोक रखा है।
इस पूरे घटनाक्रम पर दिल्ली के स्वास्थ्य मंत्री सत्येंद्र जैन ने कहा, दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल को नजरबन्द करने का मतलब है कि बीजेपी सरकार हर उस आवाज को रोकना चाहती है जो किसानों के समर्थन में है।
वहीं दिल्ली से आम आदमी पार्टी के राज्यसभा सांसद संजय सिंह ने कहा, कल जैसे ही सिंघु बॉर्डर पर किसानों से मिलकर अरविंद केजरीवाल वापस घर आए, उन्हें गृह मंत्री के आदेश पर नजरबंद कर लिया गया। अरविंद केजरीवाल भारत बंद के समर्थन में घर से बाहर न निकल पाएं इसलिये उन्हें गिऱफ्तार किया गया।
वहीं दिल्ली पुलिस ने इससे इनकार किया है। पुलिस के मुताबिक न तो मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल को गिरफ्तार किया गया है न ही उन्हें किसी भी प्रकार से नजरबंद रखा गया है।
हालांकि पुलिस द्वारा दिए गए इस बयान के बावजूद आम आदमी पार्टी के कार्यकर्ता विरोध प्रदर्शन पर डटे हुए हैं। पार्टी मुख्यालय के बाहर बड़ी तादाद में एकत्र आप कार्यकर्ता एवं कई विधायक लगातार मुख्यमंत्री आवास तक पहुंचने की मांग कर रहे हैं। प्रदर्शन स्थल पर मौजूद आप नेता नेता गजेंद्र भाटी ने कहा, हमें मुख्यमंत्री आवास जाने से क्यों रोका जा रहा है। यदि मुख्यमंत्री नजरबंद नहीं है तो हमें उनसे मिलने क्यों नहीं दिया जा रहा।













