पहले राहुल फिर सिद्धू और अब सोनिया से मुलाकात, प्रियंका सुलझाएंगी पंजाब का विवाद?

नई दिल्ली। विधानसभा चुनाव से ठीक पहले पंजाब कांग्रेस में सियासी खींचतान का मसला अब दिल्ली के लिए भी सिरदर्द बनता जा रहा है। पंजाब कांग्रेस में जारी इस कलह को दूर करने के लिए बैठकों के बाद अब व्यक्तिगत मुलाकातों का दौर शुरू हो गया है। सियासी सरगर्मियों को देखें तो पंजाब कांग्रेस में कलह पर राहुल गांधी से अधिक प्रियंका गांधी एक्टिव नजर आ रही हैं।

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राहुल गांधी और  नवजोत सिंह सिद्धू से मुलाकात के बाद प्रियंका गांधी सोनिया गांधी से मिलने उनके आवास पर पहुंची हैं। राहुल गांधी की ना के बाद जिस तरह से मुस्कुराते हुए नवजोत सिंह सिद्दू की प्रियंका गांधी के साथ मुलाकात की तस्वीर सामने आई है, इससे अंदरखाने यह चर्चा तेज हो गई है कि पंजाब कांग्रेस की नैया पार प्रियंका ही लगाएंगी।

समाचार एजेंसी एएनआई के मुताबिक, कांग्रेस नेता नवजोत सिंह सिद्धू ने आज सुबह प्रियंका गांधी से मुलाकात की। वहीं, प्रियंका ने भाई राहुल गांधी से भी आज ही मुलाकात की। राहुल और सिद्धू से मुलाकात के बाद प्रियंका अपनी मां और कांग्रेस के अंतरिम अध्यक्ष सोनिया गांधी से मिलने उनके आवास 10 जनपथ पहुंची हैं।

माना जा रहा है कि प्रियंका नवजोत सिंह सिद्धू और राहुल गांधी के साथ हुई मुलाकात और बातचीत को सोनिया के साथ साझा करेंगी और फिर पंजाब की कलह को दूर करने की प्लानिंग पर विचार-विमर्श करेंगी।

पंजाब कांग्रेस में चल रही सियासी खींचतान के बीच ये मुलाकातें काफी अहम हैं। दरअसल, नवजोत सिंह सिद्धू पंजाब में कैप्टन अमरिंदर सिंह के खिलाफ मोर्चा खोल चुके हैं। वहीं, कैप्टन भी सिद्धू को ज्यादा तवज्जो देने के मूड में नहीं दिख रहे हैं। सिद्धू को उनकी कैप्टेनेंसी रास नहीं आ रही है, यही वजह है कि कई बैठकों के बाद भी अब तक कलह खत्म नहीं हुआ है।

बुधवार को नवजोत सिंह सिद्धू ने प्रियंका गांधी वाड्रा के साथ तस्वीर साझा करते हुए लिखा, ‘प्रियंका गांधी वाड्रा जी के साथ लंबी बैठक हुई”। राहुल गांधी और प्रियंका गांधी के बीच मुलाकात के कुछ समय बाद ही यह तस्वीर सामने आई, जिसके बाद सियासी गलियारों में हलचल तेज हो गई। इससे एक दिन पहले राहुल गांधी की ओर से कहा गया था कि उनकी सिद्धू के साथ कोई मीटिंग नहीं है।

बता दें कि अगले साल देश के 5 राज्यों में विधानसभा चुनाव होने हैं। इन राज्यों में पंजाब भी शामिल है। लिहाजा पार्टी पंजाब कांग्रेस में चल रही किसी भी तरह की गुटबाजी को अभी बाहर नहीं आने देना चाहती है।

हाल ही में सिद्धू ने बरगारी मामले और कोटकपुरा फायरिंग की जांच में ढ़िलाई बरतने का आरोप लगाते हुए कैप्टन सरकार पर निशाना साधा था। कुछ अन्य मुद्दों को लेकर भी नवजोत सिंह सिद्धू पहले से नाराज थे। लेकिन सिद्धू के इस बयान के बाद पंजाब कांग्रेस में चल रही आंतरिक कलह सतह पर आ गई थी।

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