इटावा। उत्तर प्रदेश में पंचायत चुनाव के बाद अब जिला पंचायत अध्यक्ष और ब्लॉक प्रमुख के चुनाव को लेकर खासी गहमा गहमी चल रही है। इसी कड़ी में अखिलेश के गढ़ इटावा में जिला पंचायत अध्यक्ष का चुनाव निर्विरोध होने के बाद ब्लॉक प्रमुख पद को लेकर बवाल मचा हुआ है। बीडीसी मेंबर को अपने-अपने पक्ष में करने के लिए न्यायालय के बाहर भाजपाइयों और सपाइयों में झगड़ा हो गया।
काफी बवाल होने के बाद भाजपाइयों की शिकायत पर चार पुलिसकर्मियों को हटा दिया गया है। इनमें एसओ अनिल कुमार, एसआई धर्मेंद्र सिंह, एसआई चिंतन कौशिक, एसओ मुकेश बाबू चौहान का स्थानांतरण कर दिया।
तीन दिन से लापता बीडीसी अचानक प्रकट हुआ
इटावा के बढ़पुरा ब्लॉक जो की इटावा सदर विधायक भाजपा की सरिता भदौरिया का गांव भी है। वहां से बीडीसी सदस्य 3 दिन पहले गायब हो गया था, जिसको लेकर बढ़पुरा ब्लॉक के सपा प्रत्याशी आनंद यादव पर बीडीसी को अगवा करने का मुकदमा दर्ज हुआ था।
जिसके बाद बृहस्पित वार शाम को अचानक बीडीसी सदस्य कोर्ट में हाजिर होता है एवं कोर्ट में बयान दर्ज कराता है कि वह अपनी मर्जी से बाहर गया था। उसको किसी ने अगवा नहीं किया था। वह बालिग है और जहां चाहे जा सकता है जिसके बाद माननीय न्यायधीश ने आदेश दिया कि वह अपनी मर्जी से कहीं भी जा सकता है।

भाजपाई बीडीसी को घर भेजना चाहते थे
दरअसल भाजपा विधायक एवं कार्यकर्ता बीडीसी सदस्य को उसके घरवालों के सुपुर्द करना चाहते थे। लेकिन समाजवादी पार्टी के लोगों का कहना था कि घर से बीडीसी सदस्य को बीजेपी वाले अपने साथ ले जाएंगे। इसी कशमकश में दोनों पार्टियों के लोग के बीच कोर्ट के बाहर घमासान देखने को मिला।
इसी बीच जानकारी मिलने पर भाजपा विधायक सरिता भदौरिया भी मौके पर पहुंच गईं। वही अखिलेश यादव के चचेरे भाई और इटावा से जिला पंचायत अध्यक्ष जो कि निर्विरोध चुने गए हैं वह भी मौके पर पहुंचे दोनों लोगों में जमकर नोकझोंक हुई उसके बाद किसी तरह मामला शांत हुआ तब जाकर प्रशासन ने सांस ली थीं।
देर रात भाजपा नेता पहुंचे एसएसपी से मिलने
बृहस्पतिवार देर रात इटावा भाजपा सांसद रामशंकर कठेरिया, जिलाध्यक्ष अजय धाकरे, सदर विधायक सरिता भदौरिया समेत कई भाजपा नेता एसएसपी डॉ बृजेश कुमार सिंह के आवास पर पहुंचकर सपा नेताओं के खिलाफ व पुलिस कर्मियों की मिली भगत को लेकर कार्रवाई की मांग की थी।
बीजेपी सांसद ने अपने तीखे तेवर दिखाते हुए एसएसपी को आवास के ऑफिस के बहार आने के लिए कहा और कहा अगर नहीं आरहे तो मैं यहीं बैठ जाऊंगा। जिसके बाद एसएसपी अपने आवास के ऑफिस से निकलकर सांसद से मिलने आये तो सांसद ने कहा कि मिलीभगत करने वाले पुलिसकर्मियों पर कड़ी कार्रवाई की जाए। इस पर एसएसपी ने शुक्रवार को 4 पुलिसकर्मियों का तबादला कर दिया।