मोजतबा खामेनेई के ईरान का सुप्रीम लीडर बनने पर कन्नी काटते दिखे ट्रंप

वॉशिंगटन: ईरान के नए सुप्रीम लीडर के चयन पर अमेरिकी प्रेसिडेंट डोनाल्ड ट्रंप ने तुरंत कोई आधिकारिक रुख लेने से इनकार किया है। अयातुल्ला मोजतबा खामेनेई के ईरान का सुप्रीम लीडर बनने पर हुए सवाल पर ट्रंप ने कोई फॉर्मल असेसमेंट देने की बजाय सिर्फ ‘देखते हैं क्या होता है’ कहा है। 56 साल के खामेनेई को 88 मेंबर वाली एक्सपर्ट असेंबली ने समवार को देश के सबसे ऊंचे पद पर चुना है। उनके पिता अली खामेनेई की मौत के बाद ये पद खाली हुआ था।

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डोनाल्ड ट्रंप ने द टाइम्स ऑफ इजरायल के साथ बातचीत में मोजतबा के चयन की सीधी आलोचना करने से मना कर दिया। हालांकि पहले मोजतबा खामेनेई के नाम की चर्चा आने पर उन्होंने उनको स्वीकार ना करने की बात कही थी। ऑफिशियल अनाउंसमेंट के बाद डोनाल्ड ट्रंप ने कोई सख्त बयान देने से बचने की कोशिश की है। दूसरी ओर इजरायल ने ईरान के नए नेता पर हमले की धमकी दी है।

डोनाल्ड ट्रंप ने पहले दिखाई थी नाखुशी

डोनाल्ड ट्रंप ने इससे पहले एबीसी न्यूज से बात करते हुए था कि अगर उन्हें (मोजतबा) अमेरिक की मंजूरी नहीं मिलती है तो वे ज्यादा दिन ईरानी शासन के शीर्फ पर नहीं टिक पाएंगे। हालांकि डोनाल्ड ट्रंप की इन चेतावनियों को दरकिनार करते हुए ईरान ने मोजतबा को अपना सुप्रीम लीडर चुनने का फैसला लिया है।

मोजतबा खामेनेई अमेरिका की पसंद नहीं रहे हैं। इसका पता इससे भी चलता है कि 2019 से ही मोजबता पर अमेरिका के बैन लगे हुए हैं। ये पाबंदियां अली खामेनेई की कथित अस्थिर करने वाली क्षेत्रीय महत्वाकांक्षाओं और दबाने वाले घरेलू मकसदों को आगे बढ़ाने की कोशिशों के लिए लगाई गई थीं। पश्चिम से उनका एक टकराव रहा है।

मोजतबा खामेनेई कौन हैं

56 साल के मोजतबा खामेनेई एक धर्मगुरु और पूर्व शीर्ष नेता अली खामेनेई के बेटे हैं। उन्हें 2022 में अयातुल्ला की उपाधि दी गई थी। मोजतबा खामेनेई काफी समय से पर्दे के पीछे रहकर पिता के साथ काम कर रहे थे। अब वह ईरान के सत्ता के केंद्र में हैं और देश के बड़े फैसले लेने की जिम्मेदरी उन पर है।

ईरान में अमेरिका और इजरायल की ओर से 28 फरवरी से हमले किए जा रहे हैं। इन हमलों में अली खामेनेई समेत बड़ी संख्या में ईरानी सत्ता के शीर्ष लेगों की मौत हुई है। ऐसे में ईरान में नए सुप्रीम लीडर और दूसरे शीर्ष नेताओं और सैन्य अफसरों को चुना जा रहा है। इजरायल से भीषण युद्ध के बीच तेहरान में ये फैसले हो रहे हैं।

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