अमेठी। उत्तर प्रदेश के अमेठी में कोरोना संकट के समय में लूट मची है। बाहर से आने वाले प्रवासी मजदूरों से यहां जांच के नाम पर खुलेआम वसूली हो रही है। सरकार की ओर से मुफ्त में मिलने वाला क्वारंटाइन फार्म बाज़ार में दुकानों पर 5-5 रुपए में बेचा जा रहा है। यही नहीं जांच के नाम पर थर्मल स्कैनिंग करके इन्हें लौटा दिया जा रहा।
जानकारी के अनुसार ये मामला जिले के जामो ब्लॉक का है। यहां ट्रकों और पैदल आए प्रवासी मजदूरों की राजकीय इंटर कॉलेज में लंबी कतारें लगी हुई हैं। वजह ये है कि प्रवासी मजदूर किसी तरह से गांव तक तो पहुंच गए लेकिन गांव के अंदर ग्राम प्रधान व ग्रामीण बिना जांच कराए हुए इंट्री नहीं लेने दे रहे हैं। कालेज के अंदर स्वास्थ्य विभाग की तरफ से काउंटर बनाया गया है और उस पर कोरोना की जांच की जा रही है।
इन मजदूरों को होम क्वारंटाइन करने वाला आवेदन फार्म बाज़ार में दुकानों से 5 रुपए में खरीदना पड़ रहा है। स्वास्थ्य केंद्र पर जमा भारी भीड़ को सोशल डिस्टेंसिग की धज्जियां उड़ा रही है और जिम्मेदार मौके से गायब हैं। ऐसे में जो पॉजिटिव नहीं भी होंगे उनके पॉजिटिव हो जाने का खतरा बढ़ चुका है।
मोहम्मद तस्लीम ने बताया कि मौलाना आजाद यूनिवर्सिटी हैदराबाद के स्टूडेंट हैं। ट्रक से अमेठी पहुंचे हैं, यहां सरकारी फार्म तो मिल नहीं रहा बाहर दुकानें खुली हैं उस पर फार्म मिल रहा है। 5 रुपए में फार्म खरीदा है। सरकार ने कहा था ट्रेन चालू करने के लिए, 20 दिन पहले हमने फार्म भरा था अभी तक ट्रेन नहीं चालू हुई तो वहां से भागना पड़ा।
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