बाराबंकी में खुद को गोरखपुर के सांसद रवि किशन का प्रतिनिधि बताने वाले एक शातिर ने रियल एस्टेट कारोबारी से 20 लाख रुपए की ठगी कर ली। आरोपी ने हाईवे किनारे की जमीन दिखाकर सौदा तय किया और फिर रजिस्ट्री से पहले ही रकम हड़पकर गायब हो गया।
सांसद का नाम लेकर बढ़ाया भरोसा
‘इनक्रा डेवलपर्स प्राइवेट लिमिटेड’ के निदेशक दीपक के मुताबिक, गोरखपुर निवासी राजकुमार सिंह ने खुद को सांसद रवि किशन का प्रतिनिधि बताया और बाराबंकी के सतरिख थाना क्षेत्र के दुल्हीपुर गांव में राष्ट्रीय राजमार्ग के पास कीमती जमीन का सौदा कराया। आरोपी के साथ उसका साथी लालेंद्र सिंह उर्फ पप्पू भी था, जो शुरू से पूरे मामले में शामिल रहा।
दीपक ने बताया कि 26 दिसंबर 2024 को राजकुमार और पप्पू उन्हें दुल्हीपुर स्थित साइट पर लेकर गए और गाटा संख्या 281, 224, 447 आदि की जमीनें दिखाईं। सौदा 60 लाख रुपये में तय हुआ। आरोपी ने जमीन की वैधता साबित करने के लिए पुराने बैनामा और रजिस्टर्ड एग्रीमेंट की फोटोकॉपी भी दिखाई।
20 लाख हड़पने के बाद हुआ फरार
दीपक ने पहले दिन ही 5 लाख रुपए कैश एडवांस दिए, जबकि 29 फरवरी 2024 को 15 लाख रुपये का चेक राजकुमार सिंह के खाते में ट्रांसफर कर दिया। जमीन की कुल कीमत 58,66,336 रुपये तय हुई थी, लेकिन कारोबारी ने 60 लाख देने पर सहमति जताई थी।
रजिस्ट्री की बारी आई तो शुरू हुआ बहाना
कुछ समय बाद जब दीपक ने रजिस्ट्री की प्रक्रिया शुरू करने को कहा तो आरोपी टालमटोल करने लगे। जांच में सामने आया कि जिन गाटा संख्याओं की जमीन दिखाई गई थी, उनमें से कुछ पहले ही किसी अन्य को बेची जा चुकी थीं और कुछ पर पहले से ही एग्रीमेंट हो चुका था।
धमकियां देकर खुद को बताया मुख्यमंत्री का करीबी
जब दीपक ने अपने पैसे वापस मांगे तो राजकुमार और उसका साथी पप्पू धमकी देने लगे। पीड़ित का आरोप है कि दोनों ने अभद्र भाषा का प्रयोग किया और खुद को मुख्यमंत्री से जोड़ते हुए कहा कि “हमें कोई कुछ नहीं बिगाड़ सकता”।
कोर्ट की शरण में गया पीड़ित, तब दर्ज हुआ केस
पीड़ित ने 19 मई 2025 को पहले एसपी बाराबंकी और फिर सीएम पोर्टल पर शिकायत दर्ज कराई, लेकिन कोई सुनवाई नहीं हुई। आखिरकार उन्होंने कोर्ट का दरवाजा खटखटाया। अदालत के आदेश पर सतरिख थाने में राजकुमार सिंह और लालेंद्र सिंह उर्फ पप्पू के खिलाफ धोखाधड़ी, आपराधिक विश्वासघात और धमकी देने की धाराओं में केस दर्ज कर लिया गया है।
पुलिस कर रही जांच
पुलिस अधिकारियों के मुताबिक, कोर्ट के आदेश पर मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी गई है। मामले से जुड़े दस्तावेजों और खातों की जानकारी खंगाली जा रही है। जल्द ही आरोपियों की गिरफ्तारी की कार्रवाई की जाएगी।













