पंजाबी की तुलना में तेलुगू फिल्म सेट पर रहती है ज्यादा गंभीरता

एक्ट्रेस यामिनी मल्होत्रा पंजाबी के साथ ही तेलुगू फिल्मों में भी काम कर चुकी हैं। उन्होंने दोनों इंडस्ट्री के काम करने के तौर-तरीकों में बड़ा अंतर बताया। यामिनी के अनुसार, पंजाबी फिल्मों के सेट किसी बड़े शादी फंक्शन जैसे होते हैं, जबकि तेलुगू सेट पर सख्त प्रोफेशनल माहौल रहता है।

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उन्होंने कहा, “पंजाबी फिल्म की शूटिंग किसी शादी फंक्शन की तरह है। हर कोई उत्साह से भरा होता है। खाना, हंसी-मजाक और म्यूजिक का माहौल रहता है। काम के बावजूद यह परिवार के एकजुट होने जैसा लगता है। शूटिंग के बाद लोग साथ में समय बिताते हैं, रिश्ते बनते हैं और माहौल बेहद दोस्ती भरा होता है।”

वहीं, तेलुगू सेट्स के बारे में यामिनी का अनुभव बिल्कुल अलग है। उन्होंने बताया, “तेलुगू सेट्स पर नियम और सटीकता की सख्ती होती है। हर कोई अपना काम करने के बाद वैनिटी वैन में चला जाता है। आपस में बातचीत बहुत कम होती है। माहौल पूरी तरह प्रोफेशनल और कभी-कभी मशीन जैसा लगता है।”

‘बिग बॉस 18’ की कंटेस्टेंट रहीं यामिनी दोनों इंडस्ट्री की खासियतों को पसंद करती हैं। उनके हिसाब से फिल्म के अनुसार माहौल का भी निर्धारण होता है। वे पंजाबी सेट्स की गर्मजोशी और तेलुगू सेट्स की दक्षता, दोनों का आनंद लेती हैं।
यामिनी अब बॉलीवुड में डेब्यू करने के लिए तैयार हैं। उनकी पहली हिंदी फिल्म ‘चिल मारना ब्रो’ जल्द रिलीज होगी। तेजस दत्तानी के निर्देशन में बनी यह फिल्म कॉमेडी ड्रामा है, जिसमें ढेर सारे ट्विस्ट्स और हंसी-मजाक का तड़का है।
यामिनी ने बताया, “एक्टिंग मेरा पैशन है। बॉलीवुड में कदम रखना मेरा सपना था, जो अब पूरा हो रहा है। फिल्म की कहानी मजेदार है, जिसमें कॉमेडी और ट्विस्ट्स का शानदार मिक्सअप है।”

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