नई दिल्ली। 12 जून को अहमदाबाद से लंदन के लिए उड़ान भरते ही एअर इंडिया की फ्लाइट AI171 कुछ ही सेकेंड में हादसे का शिकार हो गई। बोइंग 787-8 ड्रीमलाइनर विमान महज 30 सेकेंड तक ही हवा में रहा और एअरपोर्ट के नजदीक ही मेडिकल कॉलेज के हॉस्टल की बिल्डिंग पर गिर गया। इस हादसे में करीब 260 लोगों की मौत हो गई, जिनमें 241 लोग विमान में सवार थे और विमान में सवार सिर्फ एक व्यक्ति ही जीवित बचा।
अब एअरक्राफ्ट एक्सीडेंट इन्वेस्टिगेशन ब्यूरो (AAIB) ने इस दुर्घटना की प्रारंभिक जांच रिपोर्ट जारी की है, जिसमें कई चौंकाने वाले तथ्य सामने आए हैं। इस रिपोर्ट में सामने आया है कि हादसा किसी तकनीकी खामी का नतीजा हो सकता है।
अचानक रुक गई फ्यूल सप्लाई
AAIB की 15 पन्नों की रिपोर्ट के मुताबिक, विमान के दोनों इंजन टेकऑफ के कुछ सेकेंड के बाद ही बंद हो गए थे। फ्यूल की सप्लाई अचानक रुक गई, क्योंकि जोनों इंजनों के कटऑफ स्विच एक सेकेंड के अंतर में RUN से CUTOFF पर चले गए।
कॉकपिट वॉयस रिकॉर्डर में पायलट ने को-पायलट से पूछा- “तुमने कटऑफ क्यों किया?” दूसरे ने जवाब दिया- “मैंने नहीं किया।” इससे संकेत मिलता है कि शायद यह पायलटों की गलती नहीं थी, बल्कि किसी तकनीकी खामी से ऐसा हुआ।
30 सेकेंड की उड़ान
- विमान टेकऑफ के बाद केवल 30 सेकंड ही हवा में रहा।
- इंजन बंद होते ही आपातकालीन Ram Air Turbine (RAT) सक्रिय हुआ, जो हाइड्रोलिक पावर सप्लाई करता है।
- पायलटों ने इंजन को दोबारा स्टार्ट करने की कोशिश की- इंजन 1 आंशिक रूप से ठीक हुआ, लेकिन इंजन 2 फेल हो गया।
- विमान रनवे से 0.9 नॉटिकल मील की दूरी पर एक छात्रावास इमारत से टकरा गया।
क्या है Ram Air Turbine?
- रैम एअर टर्बाइन एक छोटा प्रोपेलर जैसा उपकरण होता है जो दोनों इंजन के बंद होने या पावर सप्लाई बंद होने या फिर हाइड्रोलिक विफलता पर स्वचालित रूप से तैनात हो जाता है।
- यह विमान को ऊंचाई बनाए रखने में मदद करता है।
- RAT आपातकालीन शक्ति उत्पन्न करने के लिए हवा की गति का उपयोग करता है।
बर्ड हिट से इनकार
- रिपोर्ट में यह भी बताया गया है कि विमान एयरपोर्ट की परिधि दीवार को पार करने से पहले ही ऊंचाई खोने लगा था।
- जांच में इस बात के कोई संकेत नहीं मिले हैं कि विमान के रास्ते में कोई पक्षी था।
- इससे यह स्पष्ट होता है कि बर्ड हिट इस दुर्घटना का कारण नहीं था।
निकाले जा रहे हैं EAFR का डेटा
विमान हादसे की जांच अभी भी जारी है और इससे जुड़े कई महत्वपूर्ण तकनीकी हिस्सों की पहचान कर उन्हें आगे की जांच के लिए अलग रख दिया गया है। AAIB ने बताया कि विमान के पिछले हिस्से में लगे एक्सटेंडेड एअरफ्रेम फ्लाइट रिकॉर्डर (EAFR) को भारी नुकसान पहुंचा है और उसे पारंपरिक तरीकों से एक्सेस नहीं किया जा सका है।
पुराना अलर्ट किया गया नजरअंदाज
- विमान के सभी फ्लैप, गियर और वजन-संतुलन सामान्य थे।
- फ्यूल साफ था, कोई मिलावट या गड़बड़ी नहीं मिली।
- पायलट दोनों अनुभवी, मेडिकली फिट और काम के लिए तैयार थे।
- मौसम सामान्य था, साफ आसमान और हवा हल्की थी।
हालांकि, रिपोर्ट में ये भी बताया गया कि FAA (अमेरिकी विमानन एजेंसी) ने पहले ही फ्यूल स्विच से जुड़ी संभावित खामी को लेकर एडवायजरी दी थी, लेकिन एअर इंडिया ने उसका पालन नहीं किया।
अब आगे क्या?
- AAIB का कहना है कि जांच अभी जारी है…
- विमान के मलबे की जांच,
- इंजन और अन्य पार्ट्स की फोरेंसिक जांच,
- पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट्स का विश्लेषण किया जा रहा है।
फिलहाल किसी पर सीधा दोष नहीं डाला गया है, न ही किसी पायलट या कंपनी के खिलाफ कार्रवाई की सिफारिश की गई है। एअर इंडिया और बोइंग दोनों ने जांच में पूरा सहयोग देने की बात कही है।













