जम्मू कश्मीर के पहलगाम में हुए आतंकी हमले के लिए जवाबदेही तय करने की मांग करते हुए कांग्रेस ने सोमवार को सवाल किया कि अगर देश में आतंकी ढांचा काफी हद तक नष्ट हो चुका है तो फिर पहलगाम हमला कैसे हुआ ?
राज्यसभा में नेता प्रतिपक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे ने सदन में ‘‘पहलगाम में आतंकवादी हमले के जवाब में भारत के मजबूत, सफल एवं निर्णायक ‘ऑपरेशन सिंदूर’ पर विशेष चर्चा’’ में हिस्सा लेते हुए कहा कि सरकार को आतंकवादी हमले रोकने में ‘चूक’ और ‘विफलता’ स्वीकार करनी चाहिए।
उन्होंने यह भी कहा कि हमले को लेकर जवाबदेही तय की जानी चाहिए, और पहलगाम हमले के लिए जो भी जिम्मेदार हो, उसे इस्तीफा देना चाहिए।
खड़गे ने ऑपरेशन सिंदूर पर चर्चा के दौरान प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की 2015 की उस पाकिस्तान यात्रा पर तंज कसा जो पूर्व निर्धारित नहीं थी । उन्होंने कहा, “आप पाकिस्तान पर सख्त कार्रवाई की बात कर रहे हैं, लेकिन हमें यह भी याद है कि आप अचानक बिना किसी पूर्व घोषणा के लाहौर पहुंच गए थे।”
उन्होंने कहा, “आप कहते हैं कि देश में आतंकी ढांचे को काफी हद तक नष्ट कर दिया गया है। अगर ऐसा है तो फिर 26 लोगों की जान लेने वाला पहलगाम हमला कैसे हो गया?”
उन्होंने सरकार से मांग की कि वह देश को स्पष्ट रूप से बताए कि इतनी बड़ी सुरक्षा चूक कैसे हुई। कांग्रेस अध्यक्ष और नेता प्रतिपक्ष खड़गे ने मोदी सरकार पर अहंकारी होने और विपक्ष के पत्रों का जवाब न देने का भी आरोप लगाया ।
खड़गे ने कहा कि प्रधानमंत्री को ऑपरेशन सिंदूर के बाद बिहार में चुनाव प्रचार के बजाय सर्वदलीय बैठक में होना चाहिए था।











