नेपाल में हिंसा…कांग्रेस क्यों बोली पड़ोसी देश के हालात से सबक लेने की जरूरत

नई दिल्लीः कांग्रेस ने नेपाल की स्थिति पर चिंता व्यक्त करते हुए बुधवार को कहा कि भारत को वहां के हालात पर नजर बनाए रखने और इंतजार करने (वेट एंड वाच) की रणनीति पर अमल करना चाहिए। साथ ही जो कुछ हुआ है उसे समझना, आत्मसात करना और ‘उससे सबक लेना’ जरूरी है। पूर्व विदेश मंत्री और कांग्रेस के विदेश मामलों के विभाग के अध्यक्ष सलमान खुर्शीद ने यह भी कहा कि नेपाल में हो रही घटनाएं चिंता का विषय हैं, लेकिन भारत अभी कुछ ख़ास नहीं कर सकता।

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खुर्शीद ने न्यूज एजेंसी ‘पीटीआई-भाषा’ से कहा, ‘मुझे उम्मीद है कि सरकार के स्तर पर इस बारे में विचार हो रहा होगा कि कि हम कैसे मदद कर सकते हैं।’ उन्होंने यह टिप्पणी नेपाल में गंभीर राजनीतिक संकट के बीच की है। प्रधानमंत्री के.पी. शर्मा ओली ने बड़े पैमाने पर विरोध प्रदर्शनों के बाद इस्तीफ़ा दे दिया। प्रदर्शनकारियों ने कई सरकारी इमारतों में घुसकर संसद और कई बड़े नेताओं के घरों में आग लगा दी। हिंसा में कई लोगों की मौत हो गई है।

खुर्शीद ने कहा कि भारत के लोगों के लिए यह स्थिति चिंता का विषय है क्योंकि दोनों देशों के बीच गहरे रिश्ते हैं। उनका कहना था, ‘(नेपाल का) नेतृत्व करने वाली कई पीढ़ियों ने भारत में शिक्षा हासिल की हैं। उनमें से कई के रिश्तेदार भारत में हैं। हमें अपने पड़ोसी देश और उसके लोगों, दोनों की फिक्र है। पारंपरिक रूप से, चाहे कुछ भी हुआ हो और नेपाली राजनीति में जो भी बदलाव आए हों, हम हमेशा उनके लोकतंत्र के साथ मजबूती से खड़े रहे हैं।’

पूर्व विदेश मंत्री ने कहा कि वहां जो हो रहा है वह दुखद और बेहद दुर्भाग्यपूर्ण है और भारतीय नागरिक बस यही प्रार्थना कर सकते हैं और नेपाल के लिए अच्छे भविष्य की कामना कर सकते हैं और जल्द से जल्द वहां शांति लौट आए। उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि भारत के पास अभी स्थिति पर नजर बनाए रखने और इंतजार करने के के अलावा कोई विकल्प नहीं है।

पूर्व विदेश मंत्री ने कहा, ‘बहुत बारीकी, बहुत सावधानी, बहुत सहानुभूतिपूर्वक देखना होगा। यह जरूरी है क्योंकि आप जानते हैं कि जब इस तरह की अशांति होती है, तो हर तरह के लोग दूसरों के लिए परेशानी खड़ी करने की कोशिश करते हैं, जिन्हें वे पसंद नहीं करते। मैं बस यही उम्मीद करता हूं कि भारत और भारतीय नागरिकों के साथ ऐसा न हो।’

नेपाल संकट से भारत को क्या सबक सीखना चाहिए, इस बारे में पूछे जाने पर खुर्शीद ने कहा कि पूरे क्षेत्र में, ‘हम विभिन्न क्षेत्रों में एक-दूसरे के अनुभवों और तरक्की से सीखते हैं।’ खुर्शीद ने कहा, ‘जो कुछ भी एक पड़ोसी को प्रभावित करता है, जो कुछ भी एक दोस्त को प्रभावित करता है, वह अनिवार्य रूप से, परोक्ष रूप से आपको भी प्रभावित करता है। मुझे लगता है कि जो कुछ भी हुआ है उसे समझना, आत्मसात करना, अच्छे की उम्मीद करना और निश्चित रूप से उससे सबक लेना ज़रूरी है।’ कांग्रेस नेता ने इस बात पर जोर दिया कि पीढ़ीगत बदलाव हो रहे हैं और नई पीढ़ी के साथ तालमेल बिठाने में सक्षम होना चाहिए।

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