NATO को रूस का चैलेंज, एस्टोनिया की सीमा में भेजे तीन लड़ाकू विमान

विलनियस। पोलैंड में रूसी ड्रोन के प्रवेश की घटना के बाद अब एस्टोनिया ने कहा है कि शुक्रवार को रूस के तीन लड़ाकू विमान उसकी वायुसीमा में घुसे और वहां 12 मिनट तक रहे। रूस के पड़ोसी और नाटो के सदस्य देश एस्टोनिया ने इसे अप्रत्याशित घुसपैठ की घटना बताया है।

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एस्टोनिया ने विरोध जताया

एस्टोनिया ने रूसी राजनयिक को तलब कर घटना पर विरोध जताया है। रूसी रक्षा मंत्रालय ने इस पर कोई प्रतिक्रिया व्यक्त नहीं की है। विशेषज्ञों के अनुसार रूस की यह घुसपैठ क्षेत्र में नाटो की प्रतिक्रियात्मक कार्रवाई को भांपने की कोशिश हो सकती है।

यूरोप एस्टोनिया के साथ खड़ा

एक नाटो अधिकारी ने बताया कि उनका सामना इतालवी एफ-35 विमानों से हुआ, जो बाल्टिक क्षेत्र में गठबंधन मिशन के तहत तैनात थे। यूरोपीय आयोग की अध्यक्ष उर्सुला वॉन डेर लेयेन ने एक्स पर लिखा कि रूस द्वारा हमारे हवाई क्षेत्र के नवीनतम उल्लंघन के मामले में यूरोप एस्टोनिया के साथ खड़ा है।

यूरोपीय संघ के प्रमुख ने कहा कि जैसे-जैसे खतरे बढ़ेंगे, वैसे-वैसे हमारा दबाव भी बढ़ेगा। उन्होंने शुक्रवार को यूक्रेन युद्ध को लेकर मॉस्को को लक्ष्य करते हुए प्रतिबंधों का 19वां पैकेज यूरोपीय संघ के सदस्य देशों के समक्ष अनुमोदन के लिए रखा।

यूरोपीय संघ ने इसे बेहद खतरनाक वाला कदम बताया

यूरोपीय संघ के शीर्ष राजनयिक काजा कल्लास – जो एस्टोनिया के पूर्व प्रधानमंत्री हैं – ने दो सप्ताह के भीतर यूरोपीय संघ के हवाई क्षेत्र के तीसरे उल्लंघन की निंदा करते हुए इसे मॉस्को द्वारा बेहद खतरनाक उकसावे वाला कदम बताया।

 

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