लखनऊ। बिजली उपभोक्ताओं को अपने कनेक्शन का 50 किलोवाट तक विद्युत भार बढ़ाने के लिए अब परेशान नहीं होना पड़ेगा। घरेलू के साथ ही वाणिज्यिक, संस्थान, ईवी व औद्योगिक श्रेणी के कनेक्शन के मामले में उपभोक्ताओं द्वारा ऑनलाइन लोड परिवर्तन के माध्यम से आवेदन करने पर तय अवधि में भार बढ़ जाएगा। 50 किलोवाट तक के भार के लिए अब उसे विद्युत सुरक्षा निदेशालय का अनापत्ति प्रमाण पत्र उपलब्ध नहीं कराना पड़ेगा। अभी तक पांच किलोवाट से ऊपर की भार वृद्धि पर एनओसी देनी पड़ती थी।
24 किलोवाट तक भार वृद्धि के मामले में जरूरी दस्तावेज के साथ प्रोसेसिंग व सिक्योरिटी धनराशि ऑनलाइन जमा करने पर स्वत: भार वृद्धि हो जाएगी। इस संबंध में पावर कारपोरेशन प्रबंधन ने मौजूदा मानक संचालन प्रक्रिया (एसओपी) में संशोधन करते हुए नए सिरे से आदेश जारी किया है।
कारपोरेशन के निदेशक (वाणिज्य) प्रशांत वर्मा की ओर से जारी एसओपी के मुताबिक भार वृद्धि के लिए उपभोक्ता को www.uppcl.org पर उपलब्ध लोड परिवर्तन के लिंक पर क्लिक कर आवेदन करना होगा।
यदि उपभोक्ता का बिजली का बिल बकाया होगा तो भुगतान के बाद ही ऑनलाइन भार वृद्धि की प्रक्रिया शुरू होगी। ऑनलाइन व्यवस्था में भार वृद्धि के लिए आवश्यक कार्य पूरा होने पर बिलिंग सिस्टम पर उपभोक्ता का नवीन भार व जरूरत के मुताबिक टैरिफ, सप्लाई टाइप, मीटर बदलने का काम तीन दिन के अंदर होगा।
नए सिरे से बिजली की लाइन बनाए जाने की स्थिति में विद्युत सुरक्षा निदेशालय की एनओसी व धनराशि जमा होने पर नगर निगम क्षेत्र में तीन दिन, अन्य नगरीय क्षेत्रों में सात दिन तथा ग्रामीण क्षेत्रों में 15 दिनों में मीटरिंग संबंधित कार्य पूरे किए जाएंगे। मीटरिंग वोल्टेज 11केवी (सामान्यत: 50 किलोवाट से अधिक) में परिवर्तित होने की स्थिति में उपभोक्ता को लाइन निर्माण कराने के विकल्प दिए जाएंगे। भार वृद्धि के लिए आवेदन करने की तिथि से 60 दिनों में उपभोक्ता संबंधित दस्तावेज अपलोड कर सकेंगे।
उपभोक्ता द्वारा दी गई जानकारी के आधार पर सिस्टम जनित व्यक्तिगत बंधपत्र फार्म पोर्टल से डाउनलोड किया जा सकेगा। इसके साथ ही विद्युत सुरक्षा निदेशालय की वेबसाइट पर अनापत्ति प्रमाण पत्र प्राप्त करने के लिए आवेदन किया जा सकेगा। पोर्टल पर उपलब्ध अनुबंध पत्र के प्रारूप को 100 रुपये के शपथपत्र पर प्रिंट कराकर हस्ताक्षर के साथ अपलोड करना होगा। उपभोक्ता को प्रोसेसिंग शुल्क तथा अतिरिक्त सिक्योरिटी राशि का भुगतान ऑनलाइन किए जाने की सुविधा मिलेगी।











