बीजिंग: चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग ने गुरुवार को अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के उस दावे को खारिज कर दिया, जिसमें उन्होंने कहा था कि चीन कंबोडिया और थाईलैंड के बीच शांति स्थापित करने में शामिल नहीं है। दक्षिण कोरिया के बुसान में आयोजित शिखर सम्मेलन में जिनपिंग ने कहा कि वह ”हालिया गाजा युद्धविराम समझौते में ट्रंप के योगदान” की सराहना करते हैं।
जिनपिंग ने ट्रंप के दावे को खारिज किया
हालांकि, शी जिनपिंग ने ट्रंप के इस दावे का खंडन किया कि चीन कंबोडिया और थाईलैंड के बीच शांति स्थापित करने में शामिल नहीं है। हांगकांग स्थित ‘साउथ चाइना मॉर्निंग पोस्ट’ की रिपोर्ट के अनुसार, राष्ट्रपति जिनपिंग ने ट्रंप से कहा कि बीजिंग दोनों दक्षिण-पूर्व एशियाई पड़ोसियों को उनके सीमा विवाद को ”अपने तरीके से” सुलझाने में मदद कर रहा है।
वांग यी ने की थी थाईलैंड-कंबोडिया के साथ बैठक
थाईलैंड-कंबोडिया के बीच टकराव बढ़ने पर चीनी विदेश मंत्री वांग यी ने दोनों देशों को संघर्ष समाप्त करने के लिए मनाने हेतु बंद कमरे में विचार-विमर्श किया था। चीन के थाईलैंड और कंबोडिया दोनों ही देशों के साथ मजबूत संबंध हैं। चीन के ही दबाव में दोनों देशों के बीच पहले भी झड़पें रुकी थीं।
भारत पर भी झूठा दावा करते रहे हैं ट्रंप
ट्रंप इससे पहले भी भारत-पाकिस्तान में संघर्ष विराम कराने का श्रेय लेते रहे हैं। उन्होंने अपने अधिकतर संबोधनों में दोनों देशों के बीच संघर्ष विराम कराने का दावा किया है। हालांकि, भारत ने हमेशा ही ट्रंप का दावों को खारिज किया है। इसके अलावा ट्रंप ने यह भी दावा किया था प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने उनसे बातचीत के दौरान रूस से तेल खरीद में कटौती करने का वादा किया था।










