परवेज के घर से एटीएस ने बरामद किए चापड़ और मोबाइल, भाई बोला—दोनों बेगुनाह

लखनऊ: दिल्ली के लाल किला के बादर विस्फोट की जांच में जुटी एटीएस व जम्मू-कश्मीर पुलिस ने बुधवार को कैसरबाग के खंदारी बाजार इलाके में डॉक्टर शाहीन शाहिद और भाई डॉक्टर परवेज के पुश्तैनी घर पर छापेमारी की थी।

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दिल्ली के लालकिला मेट्रो स्टेशन के पास हुए विस्फोट और फरीदाबाद में 2,900 किलो विस्फोटक बरामद होने के बाद लखनऊ की डॉक्टर शाहीन शाहिद को फरीदाबाद से गिरफ्तार किया गया था। जांच के दौरान एजेंसियों को लखनऊ कनेक्शन मिला था। इसके बाद डॉक्टर शाहीन और उसके भाई डॉक्टर परवेज के घरों पर छापेमारी की गई थी।

परवेज के घर से चापड़ व छह कीपैड मोबाइल बरामद किए गए थे। एटीएस को शक है कि इन डिवाइसों में आतंकियों से संपर्क या किसी नेटवर्क से जुड़ी जानकारी हो सकती है। जब्त सभी मोबाइल फोन और दस्तावेजों को फारेंसिक जांच के लिए भेजा गया है। चापड़ व छह कीपैड मोबाइल फोन के साथ कुछ दस्तावेज और डिजिटल डिवाइस बरामद किए हैं। यह सारा सामान जब्त कर एटीएस परवेज से पूछताछ कर रही है।

लखनऊ में एटीएस की छापेमारी के दौरान डॉक्टर परवेज के सबसे बड़े भाई शोएब ने कहा कि आतंकी का भाई होना दुखद है, लेकिन हमको तो जांच एजेंसियों पर भरोसा है। मेरे भाई और बहन बेगुनाह साबित होंगे। बड़े भाई शोएब अंसारी ने बताया कि उन्हें अब तक यह विश्वास नहीं हो रहा कि उनकी बहन और भाई किसी आतंकी गतिविधि से जुड़ सकते हैं। उन्होंने कहा, आतंकी का भाई कहलाना बेहद दुखद है, लेकिन मुझे पूरा यकीन है कि शाहीन और परवेज दोनों बेगुनाह हैं।

शोएब ने बताया कि बहन डॉक्टर शाहीन से मेरी आखिरी बार बात करीब चार वर्ष पहले हुई थी। इसके बाद उसका कोई संपर्क नहीं रहा। परवेज से तीन वर्ष पहले बात हुई थी। वह लोग घर नहीं आते थे। न उन लोगों ने संपर्क किया न हम लोगों ने संपर्क किया। परवेज कभी-कभार पिता से फोन कर हालचाल लेता था। शोएब ने बताया कि पिता से भी बातचीत के दौरान कभी नहीं लगा कि वह ऐसी गतिविधियों से जुड़ा है। वह सामान्य जीवन जी रहा था और किसी गलत काम में शामिल नहीं था। परिवार अब भी विश्वास करता है कि जांच एजेंसियां सच्चाई सामने लाएंगी और निर्दोषों को न्याय मिलेगा और उनके दोनों भाई-बहन बेगुनाह साबित होंगे।

एटीएस ने सईद से पूछे थे 16 सवाल, खंगाला जा रहा ब्योरा
एटीएस और जम्मू कश्मीर पुलिस ने बीते बुधवार को डॉक्टर शाहीन और डॉक्टर परवेज के पिता सईद से पूछताछ की थी। उनसे 16 प्रमुख सवाल पूछे गए थे। इनमें यह जानने की कोशिश की गई कि दोनों भाई-बहन किससे संपर्क में रहते थे, कितने समय से लखनऊ नहीं आए, पढ़ाई कहां से की, किन मित्रों या संस्थानों से जुड़े थे, और क्या हाल के दिनों में किसी बाहरी व्यक्ति से संपर्क हुआ था।

इस पर सईद ने बताया था कि परवेज और शाहीन कई वर्षों से इस घर में नहीं रहते थे। डॉक्टर शाहीन लंबे समय से फरीदाबाद में नौकरी कर रही थी, जबकि परवेज इंटीग्रल यूनिवर्सिटी में कार्यरत था और कुछ समय से वहां से भी अलग हो गया था। डॉक्टर शाहीन बचपन से पढ़ाई में बहुत तेज थी। उसने इलाहाबाद मेडिकल कालेज से एमबीबीएस किया था और बाद में फरीदाबाद के अस्पताल में नौकरी करने लगी। वहीं, परवेज ने आगरा से पढ़ाई पूरी की और लखनऊ की इंटीग्रल यूनिवर्सिटी में रेजीडेंट डाक्टर था। इसके बाद परिवार से जुड़े सभी लोगों के बारे में जानकारी की गई।

पड़ोसी के दरवाजे बंद, पुलिस तैनात
बुधवार को हुई छापेमारी के बाद खंदारी बाजार इलाके में सन्नाटा पसरा है। लोग घरों से ज्यादा नहीं निकल रहे हैं। बालकनी से झांककर देखते हुए कुछ लोग दिखाई दिए। इस दौरान भाई शोएब ने बाहर आकर सभी मीडियकर्मियों से बातचीत की। फिर वह दरवाजा बंद कर अंदर चला गया। उधर, इलाके में लोग घरों के बाहर सिर्फ काम से ही निकल रहे थे। बाहर मौजूद किसी भी व्यक्ति से बात तक नहीं कर रहे थे। बच्चे भी बाहर खेलने के लिए नहीं निकले। यहां मौजूद एक व्यक्ति ने बताया कि कल से पूरे मोहल्ले की बदनामी देश भर में हो रही है। उनका कहना है कि टीवी में देखकर कई लोगों के फोन आ रहे हैं, क्या हुआ। एक कारण बाहर न निकलने का यह भी है।

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