नई दिल्ली: दिल्ली धमाकों की जांच का काम जैसे-जैसे आगे बढ़ रहा है, एक से बढ़कर आतंकियों की खतरनाक साजिशों का खुलासा हो रहा है। अब तक व्हाइट कॉलर टेरर कांड से सिर्फ चार कारों के तार जुड़ रहे थे। लेकिन, अब ऐसी रिपोर्ट है कि जैश ए मोहम्मद के आतंकी ऐसी कुल 32 कारों को तैयार कर रहे थे, जिनका इस्तेमाल 6 दिसंबर को बाबरी मस्जिद तोड़ने की करीब साढ़े तीन दशक पुरानी घटना का बदला लेने के लिए होना था।
32 कार तैयार कर रहे थे आतंकी-रिपोर्ट
एनडीटीवी ने दिल्ली में लाल किला धमाकों की जांच कर रहे जांचकर्ताओं से मिली जानकारी के आधार पर रिपोर्ट दी है कि आतंकी धमाकों में विस्फोटक और बम ढोने या उनका विस्फोट के लिए इस्तेमाल करने के मंसूबे से 32 कार तैयार कर रहे थे। इसमें सोमवार को धमाके में इस्तेमाल हुई आई20 कार भी शामिल थी। इनके अलावा एक मारुति सुजुकी ब्रेजा, मारुति स्विफ्ट डिजायर और एक फोर्ड इकोस्पोर्ट कार बरामद भी हो चुकी है।
6 दिसंबर को बड़ी वारदात की थी तैयारी
इन सभी कारों का इस्तेमाल 6 दिसंबर को अयोध्या में हुई बाबरी मस्जिद विध्वंस की 33वीं बरसी पर आतंकी वारदातों को अंजाम देने के लिए होना था। रिपोर्ट के अनुसार हमलों के लिए जिन जगहों को निशाना बनाने के लिए चुना गया था, उनमें 6 दिल्ली में हैं। अभी तक जो कारें जब्त की गई हैं, उन्हें आतंकियों ने अपनी गतिविधियों को अंजाम देने के लिए इसलिए उपयोग किया, क्योंकि ये पुरानी थीं और कई हाथों में ट्रांसफर होने के चलते साजिशकर्ताओं तक पुलिस को पहुंचने में दिक्कत होती।
तीन कारें जब्त, चौथी को धमाके में उड़ाया
इस साजिश में शामिल चौथी कार मारुति सुजुकी ब्रेजा (HR87 U 9988) गुरुवार को फरीदाबाद के अल-फलाह स्कूल ऑफ मेडिकल सांइसेज एंड रिसर्च सेंटर से ही बरामद हुई है, जो कि ‘आतंक’ की यूनिवर्सिटी के रूप में कुख्यात हुई है। वहीं इकोस्पोर्ट (DL10 CK 0458) कार भी बुधवार शाम को फरीदाबाद से ही बरामद हुई थी। अभी तक की जानकारी के अनुसार आतंकियों ने इसे विस्फोटक ढोने में इस्तेमाल किया। जबकि, एक मारुति स्विफ्ट डिजायर सोमवार को धमाके से पहले ही जब्त कर ली गई थी, क्योंकि उसमें से एक असॉल्ट राइफल और गोला-बारूद बरामद हुए थे।













