लखनऊ। गोसाईंगंज की रियल एस्टेट कंपनी के निदेशक समेत सात लोगों के खिलाफ तीन सैन्यकर्मियों ने धोखाधड़ी का मुकदमा दर्ज कराया है। आरोप है कि कंपनी के निदेशक, अधिकारी व किसान अखिलेश, शिवांश श्रीवास्तव, अमन श्रीवास्तव, इस्तियाक समेत कई लोगों ने मिलकर लाखों रुपये वसूलने के बाद भूखंड नहीं दिया। पीड़ितों सैन्यकर्मी रुद्रमोहन पांडेय, प्रकाश राय और अतिश कुमार राय शामिल है।
बिहार के बक्सर स्थित ऊमरपुर नाट निवासी अतिश कुमार राय के मुताबिक वह सेना में हैं। उनकी तैनाती वर्तमान में जम्मू-कश्मीर के कुपवाड़ा में हैं। 11 फरवरी 2022 को गोसाईंगंज स्थित सदरपुर करोरा गांव निजी कंपनी में 1125 वर्गफीट का भूखंड रजिस्ट्री कराई। जिसकी दाखिल खारिज भी करा लिया। सुरक्षा के लिए छह फीट की चहारदीवारी भी बनवा दी थी।
कंपनी के लोग उनसे अब डेवलपमेंट चार्ज मांग रहे हैं। यहीं नहीं भूखंड नंबर 29 की रजिस्ट्री की और 20 पर कब्जा दिया। विरोध करने पर रजिस्ट्री निरस्त कराने की धमकी दी जा रही है। इसी तरह इसी गांव के प्रकाश राय के मुताबिक वह भी सेना में है। उनकी तैनाती देहरादून में है।
3 दिसंबर 2021 को 1250 वर्गफीट का भूखंड लिया था। जिसकी रजिस्ट्री व दाखिल खारिज करा लिया है। आरोपितों ने उनके भूखंड पर कब्जा नहीं दिया है। एक वर्ष पूर्व एक लीगल नोटिस भेजा। जिसमें कहा कि उनके भूखंड के बदले में 4,62,500 रुपये का भुगतान नहीं किया गया है। न ही 8.75 लाख रुपये डेवलपमेंट चार्ज दिया गया। इसका उल्लेख मेरी रजिस्ट्री में कहीं नहीं है।
वहीं, मऊ के बुढान चिरैयाकोट निवासी रुद्रमोहन पांडेय के मुताबिक वह सेना में हैं। उनकी तैनाती दिल्ली में है। 31 जनवरी 2022 में 1300 वर्गफीट भूखंड खरीदा था। जमीन की रजिस्ट्री व दाखिल खरिज हो चुका है। इसके बाद आरोपित उनसे डेवपलमेंट चार्ज के नाम पर अवैध वसूली कर रहे हैं। धमकी दे रहे हैं कि रजिस्ट्री निरस्त करा दी जाएगी। इंस्पेक्टर गोसाईंगंज दिलेश कुमार सिंह के मुताबिक पीड़ितों की तहरीर पर मुकदमा दर्ज कराया है।













