विपक्ष के नेताओं ने कहा- ये विधेयक गरीबों, मजदूरों के खिलाफ

कांग्रेस और कई अन्य विपक्षी दलों ने लोकसभा में ‘विकसित भारत-जी राम जी विधेयक’ पारित होने के बाद इसे ग्रामीण रोजगार खत्म करने वाला विधेयक करार दिया और सरकार पर महात्मा गांधी से ‘नफरत करने’ का आरोप लगाया।

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कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी ने संसद परिसर में संवाददाताओं से कहा, ‘‘इस विधेयक से मनरेगा खत्म होने जा रहा है। हम इस विधेयक का पूरी तरह से विरोध करेंगे। इस पर सभी विपक्षी पार्टियां सहमत हैं।’’

उन्होंने दावा किया कि 100 दिन से 125 दिन की मजदूरी वाली बात सिर्फ एक ‘चालाकी’ है, क्योंकि विधेयक पढ़ने पर किसी को भी यह समझ आ जाएगा कि मनरेगा को खत्म किया जा रहा है। प्रियंका गांधी ने कहा, ‘‘जैसे ही बजट का बोझ राज्य सरकारों पर पड़ेगा, वैसे ही धीरे-धीरे मनरेगा बंद हो जाएगा क्योंकि राज्यों के पास पैसे नहीं हैं।’’

उनका कहना था कि मनरेगा योजना देश के गरीब से गरीब लोगों के लिए रोजगार का सहारा थी, जो कोरोना महामारी जैसे मुश्किल हालात में भी उनके साथ थी। उन्होंने कहा, ‘‘विधेयक गरीबों, मजदूरों के खिलाफ है, हम इसका सख्त विरोध करेंगे।’’

समाजवादी पार्टी के सांसद धर्मेंद्र यादव ने कहा, ‘‘विधेयक को बिना सहमति के पारित कराया गया। जिस तरह से महात्मा गांधी का नाम हटाया गया, उससे साफ है कि भाजपा के लोग और यह सरकार बापू से नफरत करती है।’’ उन्होंने दावा किया कि इस विधेयक से अगले कुछ वर्षों में राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी योजना बेकार हो जाएगी।

द्रमुक सांसद कनिमोझि करुणानिधि ने कहा कि यह विधेयक पूरी तरह से ग्रामीण भारत के खिलाफ है और अब केंद्र सरकार यह निर्णय लेगी कि किन लोगों और किन क्षेत्रों के लोगों को रोजगार देना है। उन्होंने कहा कि योजना से महात्मा गांधी का नाम हटाया जाना शर्मनाक है।

 

कांग्रेस सांसद रंजीत रंजन ने कहा, “यह बहुत दुर्भाग्यपूर्ण है। पूरा विपक्ष चाहता था कि MGNREGA का ये बिल JPC को भेजा जाए। यह दुर्भाग्यपूर्ण है कि उन्होंने इसमें से महात्मा गांधी का नाम हटा दिया है, और उन्होंने ऐसे संशोधन भी किए हैं कि यह कुछ सालों में ये खत्म हो जाएगा। अब केंद्र सरकार सिर्फ 60% फंड देगी… जिस तरह से उन्होंने इसमें संशोधन किया है… उन्होंने इसके महत्व को पूरी तरह से खत्म कर दिया है… उन्होंने इसे जल्दबाजी में लोकसभा में पास कर दिया, और अब यह राज्यसभा में आएगा। हम यह सुनिश्चित करने की कोशिश करेंगे कि यह JPC में जाए।”

‘वीबी-जी राम जी’ बिल AAP सांसद संजय सिंह ने कहा, “यह बहुत बड़ा विश्वासघात है और मैं सरकार को आगाह करना चाहता हूं कि जैसे आपने तीनों किसानों के काले कानूनों को वापस लिया वैसे ही आपको इस बिल को भी वापस लेना होगा। देश भर में इसके खिलाफ आंदोलन होगा… इस बिल के नाम के पीछे आप अपना अपराध छिपाना चाहते हैं… पूरे साल में औसतन 50 दिन का भी काम इस देश के मजदूरों को नहीं मिल रहा है लेकिन उस पर आप बातचीत नहीं करेंगे। आपने इस योजना में राज्य सरकार की जिम्मेदारी 40% रख दी। जो राज्य सरकारें पहले से ही घाटे में हैं वे इसे चलाने के लिए पैसे कैसे देंगी? कुल मिलाकर जो मनरेगा योजना थी, जो देश के मजदूरों के लिए बहुत बड़ा सहारा थी उसे पूरी तरह से मारने का काम किया गया है। हम संसद में इसका खूब विरोध करेंगे…”

बता दें कि लोकसभा ने बृहस्पतिवार को विपक्ष के विरोध के बीच ‘विकसित भारत-जी राम जी विधेयक, 2025’ को पारित कर दिया।

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