नई दिल्ली। मतदाता सूची के विशेष सघन पुनरीक्षण (एसआईआर) को लेकर भले भी विपक्ष दल चुनाव आयोग पर बड़ी संख्या में लोगों के नाम कटाने का आरोप मढ़ रहे है लेकिन जारी की गई मसौदा सूची पर मांगी गई दावे-आपत्तियों पर उनका रवैया पूरी तरह से सुस्त है। पश्चिम बंगाल सहित 11 राज्यों में जारी मसौदा सूची में लगभग साढ़े तीन करोड़ पूर्व मतदाताओं को हटाया गया है।
अलग-अलग राज्यों में सूची जारी हुए भी एक सप्ताह से एक पखवाड़े तक का समय पूरा हो चुका है। लेकिन इन सभी राज्यों में सभी राजनीतिक दलों की ओर से करीब 18 सौ आवेदन ही आए है। इनमें अधिकांश आवेदन नाम जोड़ने वाले है। कटे हुए नाम को लेकर आपत्तियां बहुत कम हैं। उत्तर प्रदेश की मसौदा सूची अभी नहीं आई है। एसआईआर के मुद्दे को खूब तूल दिया जा रहा है, वहां अब तक मसौदा सूची को लेकर सिर्फ आठ दावे-आपत्तियां ही आयी है।
केरल में एक भी आपत्ति नहीं
यह सभी नाम जोड़ने के लिए की गई है। इनमें तृणमूल कांग्रेस ने तीन, सीपीआई ( एम) ने दो, भाजपा और इंडिया फारवर्ड ब्लॉक की ओर से एक-एक आवेदन किए गए है। बता दें कि पश्चिम बंगाल की मसौदा सूची 16 दिसंबर को जारी हुई थी। इसके साथ ही दावे- आपत्तियां की विंडो भी खोल दी गई थी। पश्चिम बंगाल में राजनीतिक दलों ने अपने दो लाख से अधिक बूथ लेवल एजेंटों (बीएलए) की तैनाती दी है। इनमें तृणमूल कांग्रेस ने 77 हजार से अधिक बीएलए तैनात किए है।
इसके साथ ही केरल में अब तक एक भी दावे-आपत्तियां नहीं आयी है। वहीं तमिलनाडु में अब तक कुल 112 आवेदन आए है। इनमें 64 नाम हटाने के लिए, जबकि 48 जोड़ने वाले है। ये आवेदन डीएमके ने सिर्फ 24 आवेदन नाम जोड़ने के लिए ही किए है। आयोग के अनुसार गुजरात में अब कुल 132 आवेदन मिले है, इनमें 129 भाजपा ने और नौ आप ने किए है। कांग्रेस ने एक भी आवेदन नहीं दिए है। राजस्थान में भी सिर्फ 373 दावे-आपत्तियां मिली है। इनमें भाजपा ने 193 व कांग्रेस ने 178 आवेदन किए है।
जिन 11 राज्यों की मसौदा सूची जारी हो चुकी है उनमें मध्य प्रदेश में सबसे अधिक 1123 दावे-आपत्तियां मिली है, इनमें 820 भाजपा ने की है। इनमें भी 798 नाम जोड़ने के लिए है। छत्तीसगढ़ में अब तक 78 दावे-आपत्तियां मिली है। इनमें सभी भाजपा ने नाम जोड़ने के लिए की है। गोवा में भी अब तक आयोग को एक भी दावे आपत्तियां नहीं मिली है। गौरतलब है कि 12 राज्यों व केंद्रशासित प्रदेशों में चल रहे एसआईआर में अभी उत्तर प्रदेश की मसौदा सूची जारी नहीं हुई है। जो अब छह जनवरी को जारी होगी।











