बीजेपी वाले सच्चाई से डरते हैं, इसलिए राहुल को बोलने नहीं दे रहे: वेणुगोपाल

लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष को लगातार दूसरे दिन बोलने नहीं देने के खिलाफ विरोध दर्ज करा रहे विपक्ष के 8 विपक्षी सांसदों को मंगलवार को सस्पेंड कर दिया गया, जिसको लेकर राजनीतिक विवाद खड़ा हो गया है। विपक्ष ने इस निलंबन को असंवैधानिक बताया। साथ ही उन्होंने सरकार पर संसद में लोकसभा के नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी को नहीं बोलने देने का आरोप लगाया।

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कांग्रेस सांसद केसी वेणुगोपाल ने कहा, “हम बीजेपी वालों जैसे नहीं हैं। जब राहुल गांधी देश की असली सच्चाई बताना चाहते हैं, तो वे पूरी तरह डर जाते हैं, इसलिए वे राहुल गांधी को बोलने नहीं दे रहे हैं। हम किसी सस्पेंशन या किसी भी चीज से नहीं डरते। संसदीय लोकतंत्र हमारे लिए सबसे जरूरी है। राष्ट्रीय सुरक्षा हमारे लिए सबसे जरूरी है। अगर सरकार हम सभी को सस्पेंड करना चाहती है, तो उन्हें करने दो। इस मुद्दे पर मैं मंत्रियों को चैलेंज करता हूं कि वे सभी कांग्रेसी सांसदों, सभी विपक्ष को सस्पेंड करना चाहते हैं, तो कर दें।”

केसी वेणुगोपाल ने संसद की कार्यवाही के बारे में बताते हुए कहा, “आप किताब या मैगजीन को कोट नहीं कर सकते। अगर आप कोट करना चाहते हैं तो आपको उसे सत्यापित करना होगा। यह फैसला सोमवार को स्पीकर ने दिया था। मंगलवार की सुबह भाषण शुरू करने से पहले ही राहुल गांधी ने चेयर से मैगजीन को सत्यापित करने की इजाजत मांगी।

चेयर ने इजाजत दे दी। चेयर से इजाजत मिलने के बाद उन्होंने सदन की मेज पर रखी पूरी मैगजीन को सत्यापित किया। फिर उन्होंने बोलना शुरू किया और फिर कहा कि मैं किताब को कोट नहीं कर रहा हूं, मैं मैगजीन को कोट नहीं कर रहा हूं, लेकिन मैं मोटे तौर पर देश की अंदरूनी सुरक्षा व्यवस्था के बारे में बात कर रहा हूं। इसके बावजूद उन्हें बोलने नहीं दिया गया।”

कांग्रेस सांसद हिबी ईडन ने सरकार पर संसद में लोकसभा के नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी को नहीं बोलने देने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा, “विपक्ष के नेता राहुल गांधी को सदन में बोलने नहीं दिया गया। वे कल से लगातार बोलने की कोशिश कर रहे थे। उन्होंने स्पीकर को सौंपे गए दस्तावेज को सत्यापित किया और उसे टेबल पर रखा।

उनके भाषण के दौरान तेजस्वी सूर्या समेत बीजेपी के सदस्य हंगामा करते रहे। राष्ट्रीय लोकतांत्रिक पार्टी (आरएलपी) अध्यक्ष और सांसद हनुमान बेनीवाल ने कहा, “मैं सस्पेंशन की कार्रवाई का विरोध करता हूं। अगर संसद सदस्यों को अपनी बात रखने की इजाजत नहीं देगी तो वे अपनी बात और कहां कहेंगे?”

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