लखनऊ: बाइक सवार युवक के गले में फंसा चाइनीज मांझा, मौत

बाजारखाला में हैदरगंज ओवरब्रिज पर बुधवार को चाइनीज मांझे ने बाइक से जा रहे दुबग्गा के सीते बिहार निवासी सैयद शोएब (34) की जान ले ली। मांझा इतना सख्त था कि उससे शोएब के गले की नस कट गई। वह अनियंत्रित होकर बाइक से सड़क पर गिर पड़े। ट्रॉमा सेंटर में शोएब की जान चली गई।

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इंस्पेक्टर बाजारखाला बृजेश सिंह ने बताया कि दोपहर करीब दो बजे शोएब मिल एरिया चौकी की ओर से हैदरगंज की ओर जा रहे थे। ओवर ब्रिज पर अचानक मांझा उनकी गर्दन में फंस गया। शोएब ने एक हाथ से मांझे को पकड़कर उसे निकालने की कोशिश की, लेकिन वह और उलझता चला गया। इसी दौरान शोएब की बाइक अनियंत्रित होकर पलट गई। शोएब सड़क पर काफी दूर तक घिसटते चले गए। शोएब की गर्दन पूरी तरह मांझे में उलझ गई। मांझे से उनके गले की नस कट गई। शोएब के गले से खून की धार निकलने लगी। वह दर्द से सड़क पर लहूलुहान तड़पने लगे। खून से शोएब का पूरा शरीर लाल हो गया। राहगीरों ने ईरिक्शा पर शोएब को लादा और उन्हें ट्रॉमा सेंटर लेकर गए।

राहगीरों ने दिखाई मानवता, खाली कराया रास्ता
शोएब को खून से लथपथ देखकर राहगीरों ने मानवता दिखाई। बाइक सवार राहगीर ईरिक्शा के आगे आगे ट्रैफिक खाली कराते हुए शोएब को ट्रॉमा सेंटर तक लेकर गए। हालांकि, इलाज के दौरान शोएब की जान चली गई। ट्रॉमा सेंटर के मुख्य चिकित्सा अधीक्षक डॉ. प्रेमराज ने बताया कि घायल का अत्यधिक खून बह चुका था। इसकी वजह से तमाम कोशिशों के बाद भी उन्हें बचाया नहीं जा सका। उधर, पुलिस ने भी हैदरगंज चौराहे पर रास्ता खाली कराकर ईरिक्शा को रास्ता दिलाया। इंस्पेक्टर का कहना है कि घटनास्थल पर चालक का हेलमेट मिला है। बाइक कब्जे में ले ली गई है। 

पत्नी ने अज्ञात के खिलाफ दी तहरीर

शोएब की पत्नी ने बाजाखाला थाने में तहरीर दी है। आरोप है कि ओवर ब्रिज के पास अज्ञात व्यक्ति पतंग उड़ा रहा था। पतंग का मांझा शोएब के गर्दन में फंस गया, जिसके कारण उनकी जान चली गई। पुलिस का कहना है कि परिजनों की तहरीर पर केस दर्ज कर छानबीन की जाएगी। किस मांझे से शोएब के गले की नस कटी है, इसके बारे में भी पता लगाया जाएगा।

काम से निकले थे शोएब
साढू सैयद नदीम रजा ने बताया कि बुधवार दोपहर शोएब बाइक से ऑफिस के काम से निकले थे। शोएब पहले भोलानाथ कुआं पर रहते थे। बाद में वह दुबग्गा शिफ्ट हो गए थे। शोएब मां आब्दा बानो, पत्नी फौजिया, दो बेटियां बुशरा और इकरा के साथ रहते थे। वह एक फार्मा कंपनी में एमआर थे। परिजनों ने बताया कि शोएब के गले में लगभग छह सेंटीमीटर का गहरा घाव हो गया था। राहगीरों ने शोएब के फोन से परिजनों को घटना की जानकारी दी थी। शोएब के पिता सैयद आरिफ का 20 वर्ष पूर्व देहांत हो गया था। शोएब की एक बहन डॉ. शैला परवीन हैं।
शोएब के पिता सैयद आरिफ ने दो शादियां की थी। शोएब दूसरी पत्नी आब्दा के बेटे थे।

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